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यूपीएसएसएससी: भर्तियों में गड़बड़ी रोकने को अभ्यर्थियों के सामने ही सीलबंद होगी ओएमआर शीट

Sun, 08 Mar 2020 02:29 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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अपनी भर्तियों में गड़बड़ी रोकने और पारदर्शिता के लिए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) कई अहम कदम उठाने जा रहा है। इसमें परीक्षा से जुड़े लोगों के मोबाइल नंबर एसटीएफ के सर्विलांस पर रखे जाने, ओएमआर शीट की मूल प्रतियों व कोषागार प्रतियों को परीक्षा कक्ष में ही अभ्यर्थियों के सामने टेंपर प्रूफ लिफाफों में सीलबंद करने की तैयारी है। इन लिफाफों पर दो परीक्षार्थियों के हस्ताक्षर भी लिए जाएंगे।

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साथ ही, सभी परीक्षा केंद्रों की वीडियोग्राफी व लाइव मॉनिटरिंग के अलावा ओएमआर शीट की स्कैनिंग के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) बनाकर उस पर अमल किया जाएगा।

आयोग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि पिछली कई भर्तियों में सामने आई खामियों को देखते हुए परीक्षा के बाद ओएमआर शीट को परीक्षा कक्ष से परीक्षा केंद्र के कंट्रोल रूम तक ले जाते समय उसके बदलने की आशंका खत्म करने के लिए नई प्रक्रिया का प्रस्ताव है। इसके तहत परीक्षा कक्ष में परीक्षार्थियों के सामने ही ओएमआर शीट की मूल प्रतियों व कोषागार प्रतियों को टेंपर प्रूफ लिफाफों में सीलबंद किया जाएगा।

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पेपरलीक से लेकर नकल रोकने तक के कई प्रस्ताव

एसटीएफ से साझा करेंगे फोन नंबर : परीक्षा के पहले से बाद तक  समस्त केंद्र व्यवस्थापकों, जिला स्तरीय अधिकारियों, कार्यदायी संस्था के कार्मिकों व आयोग के अधिकारियों के मोबाइल नंबर एसटीएफ के साथ साझा किए जाएंगे। इन सभी के नंबर सर्विलांस पर रखे जाएंगे।

लाइव मॉनिटरिंग : परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए सभी केंद्रों की सीसीटीवी के जरिए वीडियोग्राफी व लाइव मॉनिटरिंग की योजना है।

लागू होगा एसओपी : स्कैनिंग के दौरान ओएमआर शीट में बदलाव व हेराफेरी रोकने के लिए आयोग स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार कर रहा है। स्कैनिंग व स्कोर तैयार करने की प्रक्रिया में मानवीय व मशीनी त्रुटि को रोकने के लिए इसे समानान्तर रूप से अलग-अलग कार्यदायी संस्थाओं से कराने की योजना है।

ओएमआर का होगा मिलान अनंतिम चयन सूची के दो गुना अभ्यर्थियों की ओएमआर की कोषागार प्रतियां निकलवाकर प्राप्त स्कोर का मिलान भी कराने का प्रस्ताव है।
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पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग और परिवहन व्यवस्था विकेंद्रीकृत करने की तैयारी

आयोग की लिखित परीक्षाओं के लिए चयनित कार्यदायी संस्थाओं द्वारा तीन स्तर की कार्यवाही की जाती है। पहला, प्रश्नपत्रों (ओएमआर सहित) की सेटिंग, प्रिंटिंग व उनका कोषागार तक परिवहन।

दूसरा, परीक्षा के दिन प्रश्नपत्रों को कोषागार से निकालकर परीक्षा केंद्रों पर ले जाना, परीक्षा का आयोजन कराना व परीक्षा के बाद मूल ओएमआर व अन्य प्रपत्रों को आयोग को उपलब्ध कराना। फिर ओएमआर की कोषागार प्रति को जिला स्तरीय कोषागार में रखना।

तीसरा, ओएमआर व संबंधित प्रपत्रों की स्कैनिंग व अभ्यर्थियों के स्कोर की गणना कर आयोग को उपलब्ध कराना।

इसके बाद आयोग अंतिम परीक्षाफल जारी कर संबंधित विभाग को चयन के लिए सिफारिश भेजता है। आयोग ने पालीवाल समिति के सुझावों पर अमल करते हुए इस प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत करने की योजना बनाई है। इन कार्यों को अलग-अलग कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से समानान्तर रूप से गोपनीय ढंग से कराने का प्रस्ताव है। इससे यदि एक प्रश्नपत्र का कोई सेट लीक होता है तो दूसरे सेट के जरिए परीक्षा कराई जा सकेगी।
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