एलडीए में करीब 50 करोड़ के प्लॉटों का एक और गोरखधंधा खुला सामने आया है। इस बार अवैध तरीके से 23 भूखंडों का समायोजन किया गया। जिनमें से 18 भूखंड आवंटन के जरिए और 5 म्यूटेशन कर के अपात्रों के नाम कर दिए गए।
ये घोटाला करने के लिए एक ही बाबू की यूजर आईडी का इस्तेमाल किया गया। जिस बाबू की यूजर आईडी का इस्तेमाल हुआ उसका कहना है कि, उसका पासवर्ड किसी ने हैक किया। जिसकी जानकारी उसने उसी समय अपर सचिव सीमा सिंह को लिखित तौर पर दे दी थी।
कानपुर रोड पर एक भवन की फर्जी रजिस्ट्री के मामले में जब जांच शुरू की गई तो पूरा प्रकरण खुल गया। जिन संपत्तियों को फर्जी तरीके से दर्ज किया गया था, उनकी रजिस्ट्री शुरू कर दी गईं हैं। अब जिस बाबू की आईडी का इस्तेमाल किया गया है, उसने उपाध्यक्ष को दोबारा पत्र लिख कर खुद को इस मामले में लिप्त नहीं बताया है।
ऐसे खुला मामला
एलडीए के एक बाबू प्रदीप श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि उसकी यूजर आईडी का अवैध इस्तेमाल कर के घोटालेबाजों ने दो दर्जन निबंधन और नामांतरण करवा दिए हैं। जिसमें से एक मामले की जांच में उसको ही फंसाने की कोशिश की जा रही है।
उसका साफ कहना है कि, उसने अपनी यूजर आईडी बंद करवा दी थी, इसके बावजूद इसका दुरुपयोग किया जा रहा है। मामला तब खुला जब कानपुर रोड पर फर्जी रजिस्ट्री के मामले की शिकायत प्राधिकरण में की गई। जिसकी जांच उप सचिव संतोष मुर्डिया ने की है।
जांच में पाया गया कि बाबू प्रदीप श्रीवास्तव की यूजर आईडी 729 का उपयोग कर के ये आवंटन हुआ और उसके बाद में फर्जी तरीके से रजिस्ट्री की गई। प्रदीप श्रीवास्तव को जब इस मामले में आरोपित पाया गया तो श्रीवास्तव ने पूर्व में इस संबंध में 28 सितंबर-2013 को दिये प्रत्यावेदन की कॉपी और अपना पक्ष उपाध्यक्ष को उपलब्ध करा दिया। जिसमें उन्होंने अपनी आईडी बंद करने को कहा था।
सात महीने के भीतर पूरा खेल
2013 के सात महीनों में ये पूरा खेल खेला गया। जिसमें मार्च से सितंबर के बीच ये 23 आवंटन और म्यूटेशन हुए। जिसमें 25 मार्च-2013 को साधना अग्रवाल के नाम दो आवंटन किए गए थे।
जबकि, सलामत अली और जाबिर अली के नाम दो नामांतरण किए गए। मजे की बात यह कि नामांतरण में दो अलग-अलग व्यक्ति नहीं हैं। मतलब जाबिर अली का नामांतरण जाबिर अली के नाम और सलामत अली का नामांतरण सलामत अली के नाम ही कर दिया गया है।
प्रेम अरोड़ा और योगेश कुमार सेठी के नाम दो आवंटन 21 मई करे किए गए। जबकि, 4 जून-2013 को चार आवंटन सुशीला देवी, विनय चौधरी, मीरा देवी और विजय कुमार के नाम किये गये। इनमें से विनय चौधरी, मीरा देवी और विजय कुमार के नाम तो लाइन से तीन प्लॉट आवंटित कर दिए गए थे।