शासन ने शिक्षणेतर कर्मियों को राज्य कर्मियों की तरह वेतनमान व ग्रेड पे देने से जुड़े कैबिनेट के फैसले के अनुसार शुक्रवार को शासनादेश जारी हो गया है।
इस शासनादेश से 70 हजार से अधिक शिक्षणेतर कर्मियों को सौगात मिली है।
जानकारी के अनुसार, फैसले में शिक्षणेतर कर्मियों के कई पदों को जहां समाप्त करने की बात कही गई है, वहीं कई पदों के नाम बदलकर एक कर दिए गए हैं।
कैबिनेट ने पिछले दिनों वेतन समिति 2008 की सिफारिशों व वित्त विभाग के प्रस्ताव पर विचार करते हुए दो दर्जन से अधिक संवर्गों के बारे में पदवार संस्तुतियां दी थीं।
पिछले कई दिनों से यह शासनादेश टल रहा था। गुरुवार शाम को इसे अंतिम रूप तो दे दिया गया, लेकिन जारी नहीं किया जा सका। शुक्रवार को इसे जारी किए जाने की उम्मीद जताई जा रही थी।
डीए भी दे सकता है खुशी
वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने बुधवार को केंद्रीय कर्मियों को 10 प्रतिशत नकद महंगाई भत्ता दिए जाने संबंधी आदेश जारी किया है। अब यहां भी भत्ता बढ़ाने पर आने वाले खर्च का आंकलन शुरू हो गया है।
प्रांरभिक आकलन के अनुसार 10 प्रतिशत डीए बढ़ाने पर राज्य सरकार पर चालू वित्त वर्ष में 1470 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आने का अनुमान है। इसमें करीब साढ़े 500 करोड़ रुपये जीपीएफ में जाएंगे, जबकि 900 करोड़ रुपये से अधिक कर्मचारियों को नकद मिलेंगे। प्रदेश के कर्मचारी अभी 80 प्रतिशत महंगाई भत्ता पा रहे हैं।