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कुंडा मामले में राजा भैया समेत 15 को आरोपी बनाने का आदेश खारिज

Fri, 30 Sep 2016 02:41 AM IST
विधि संवाददाता/अमर उजाला, लखनऊ
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राजा भैया - फोटो : amar ujala
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कुंडा में बलीपुर के प्रधान नन्हे यादव की हत्या के बाद हुई सुरेश यादव की मृत्यु के मामले में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट खारिज करके मंत्री रघुराज प्रताप सिंह समेत 15 को आरोपी के तौर पर तलब करने के निचली कोर्ट के आदेश को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश संजय कुमार ने खारिज कर दिया।
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कोर्ट ने मंत्री रघुराज प्रताप सिंह, अक्षय प्रताप सिंह, मनोज कुमार शुक्ला, सर्वेश कुमार मिश्रा, इमरान सिद्दीकी, जीवेंद्र कुमार पाल, गुड्डू सिंह, राजीव प्रताप सिंह, कामता पाल, अजय पाल, विजय पाल, बुल्ले पाल, नन्हे सिंह, नरेंद्र कुमार सिंह व संजीव कुमार सिंह की ओर से उन्हें बतौर आरोपी तलब करने के निचली कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकार करते हुए पत्रावली को वापस न्यायिक मजिस्ट्रेट सीबीआई/प्रदूषण की कोर्ट में भेजने का आदेश दिया और कहा कि न्यायिक मजिस्ट्रेट के 17 सितंबर 2015 के आदेश को निरस्त किया जाता है तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया जाता है कि वह इस मामले में फिर से सुनवाई के बाद उचित आदेश पारित करें।

तथ्यात्मक साक्ष्यों को अनदेखा करने का आरोप

कोर्ट ने सभी याचिकाओं की एक साथ सुनवाई के बाद 35 पन्नों का आदेश पारित करते हुए कहा कि निचली अदालत का आदेश तथ्यों से परे है तथा निचली अदालत ने समन आदेश जारी करते हुए अपना जो मत व्यक्त किया है उसके साक्ष्य फाइल में मौजूद नहीं हैं।

कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने तथ्यात्मक साक्ष्य को या तो अनदेखा कर दिया या न्यायिक मस्तिष्क का मनमाने ढंग से प्रयोग किया है। कोर्ट ने कहा कि समन आदेश की विसंगतियों को देखते हुए उसमें हस्तक्षेप करना विधि अनुसार है।

गौरतलब है कि 2 मार्च 2013 को प्रतापगढ़ के कुंडा में बलीपुर के प्रधान नन्हें यादव की हत्या कर दी गई थी, जिसकी रिपोर्ट फूलचंद्र यादव ने हथिहगवां थाने में दर्ज कराई थी। नन्हे की मृत्यु के बाद उसके समर्थक गांव में एकत्र हो गये थे। इस भीड़ को समझाने गए तत्कालीन क्षेत्राधिकारी कुंडा जियाउल हक व पुलिस बल के साथ भीड़ की झड़प में जहां सीओ जियाउल हक की हत्या कर दी गई थी वहीं नन्हे के भाई सुरेश यादव की भी मृत्यु हो गई थी।

सीओ की हत्या को लेकर तत्कालीन हथिगवां थानाध्यक्ष मनोज कुमार शुक्ला व जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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सीबीआई ने भी माना था हादसा

वहीं, सुरेश की हत्या की रिपोर्ट उसके भाई पवन यादव ने दर्ज कराकर विजय कुमार, संजय कुमार पाल, राजकुमार, सरोज तथा संजय सिंह को आरोपी बनाया था। बाद में इन चारों रिपोर्ट की विवेचना सीबीआई को सौंप दी गई थी।

सीबीआई ने अपनी विवेचना के बाद सुरेश यादव की हत्या को हादसा मानते हुए कहा कि सीओ से हाथापाई के दौरान सुरेश की दोनाली बंदूक से ही चली गोली सुरेश को लगी, जिससे सुरेश की मौत हो गई। इसके बाद, सीबीआई ने सुरेश हत्याकांड में क्लोजर रिपोर्ट लगाकर कोर्ट भेज दिया गया।

सीबीआई की इस क्लोजर रिपोर्ट को वादी पवन यादव की ओर से चुनौती दी गई। इस पर तत्कालीन न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनवाई के बाद  सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए मनोज शुक्ला, सर्वेश मिश्रा, इमरान, रघुराज प्रताप सिंह, अक्षय प्रताप सिंह सहित 15 को बतौर आरोपी तलब करते हुए कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया था। जिसे आरोपियों ने चुनौती दी थी।
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