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50 लाख बिजली उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत

Sat, 22 Aug 2015 02:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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बगैर मीटर वाले करीब 50 लाख ग्रामीण व शहरी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने इनके लिए औसत खपत का मानक तय कर दिया है। शहरी उपभोक्ताओं के लिए जहां औसत खपत का मानक जहां 155 यूनिट प्रति किलोवाट प्रतिमाह से घटाकर 108 यूनिट कर दिया है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में नॉरमेटिव बिलिंग के बजाय 180 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह की दर से ही वसूली की जाएगी।
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आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन को शहरी क्षेत्र के सभी अनमीटर्ड उपभोक्ताओं के यहां 31 अक्तूबर तक मीटर लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके बाद बिजली कंपनियां बिना मीटर वाले उपभोक्ताओं से बिल नहीं वसूल सकेंगी।

नॉरमेटिव बिलिंग को लेकर स्वत: संज्ञान कार्यवाही पर नियामक आयोग ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया। 11 अगस्त को सुनवाई के बाद आयोग ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। आयोग के अध्यक्ष देश दीपक वर्मा व सदस्य आईबी पांडेय ने अपने आदेश में शहरी अनमीटर्ड उपभोक्ताओं के यहां दो माह में मीटर न लग पाने पर नाराजगी जताते हुए तीन माह का वक्त और दिया है।
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आयोग ने आदेश में कहा है कि जिन उपभोक्ताओं से मीटर की कीमत जमा कराने के बाद भी शहरी क्षेत्र में 155 यूनिट प्रति किलोवाट प्रतिमाह व ग्रामीण क्षेत्र में 108 यूनिट प्रति किलोवाट के हिसाब से वसूली हो रही है, वह गलत है।

आयोग ने साफ कर दिया है कि ग्रामीण घरेलू अनमीटर्ड उपभोक्ताओं के  लिए नॉरमेटिव बिलिंग का आदेश लागू नहीं होगा। इन उपभोक्ताओं से आयोग द्वारा तय टैरिफ के अनुसार 180 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह की दर से ही वसूली की जाएगी।
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शहरी उपभोक्ताओं से सिर्फ 70 प्रतिशत तक की वसूली ही

वहीं, जिन शहरी घरेलू अनमीटर्ड उपभोक्ताओं के यहां पिछले दो माह में मीटर लगाए जा सके हैं, उनसे केवल 70 प्रतिशत की ही वसूली की जाएगी। यानी आयोग ने 155 यूनिट का तय मानक घटाकर 108 यूनिट कर दिया है।

ऐसे उपभोक्ताओं को 30 जुलाई के बाद मुफ्त बिजली तो नहीं मिलेगी, लेकिन अभी तक वसूल किए जा रहे बिल में 30 फीसदी की कमी जरूर हो जाएगी।

जिन उपभोक्ताओं के यहां मीटर लग जाएंगे, उनकी पिछले तीन महीने की रीडिंग के  औसत के आधार पर जितनी अवधि में शहरी क्षेत्र में 155 और ग्रामीण क्षेत्रों में 108 यूनिट के हिसाब से बिलिंग की गई है, उसे संशोधित किया जाएगा।

मसलन, अगर किसी उपभोक्ता का औसत बिल मीटर के अनुसार 100 यूनिट प्रति किलोवाट प्रतिमाह आता है तो उससे ज्यादा वसूली गई 55 यूनिट की राशि का समायोजन उसके अगले बिल में किया जाएगा।

उपभोक्ता खुद खरीदकर लगवा सकेंगे मीटर
आयोग ने कहा है कि जिन उपभोक्ताओं के यहां मीटर नहीं लग पाए हैं, उन्हें बाजार से मीटर खरीदने की अनुमति दी जाए। इसके लिए मीटर निर्माताओं को अधिकृत किया जाए। बाजार से मीटर खरीदने वाले जिन उपभोक्ताओं ने मीटर का मूल्य जमा कर दिया है, उनसे जमा कराई गई राशि का समायोजन उनके छह माह के बिलों में किया जाएगा।
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2015-16 के टैरिफ ऑर्डर में ग्रामीण क्षेत्रों में अनमीटर्ड

उपभोक्ताओं द्वारा 31 दिसंबर 15 तक मीटर लगवाने पर 2017-18 तक बिल में 10 फीसदी छूट के प्रावधान का उल्लेख करते हुए आयोग ने कहा है कि खुद मीटर खरीदकर लगवाने वाले उपभोक्ताओं को भी यह छूट मिलेगी।

आगे से बिना मीटर कनेक्शन तो बिजली कंपनी पर कार्रवाई
आगे से अगर किसी उपभोक्ता को बिना मीटर लगाए कनेक्शन दिया जाता है तो संबंधित बिजली कंपनी के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 142 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

आयोग ने बिजली कंपनियों को हिदायत दी है कि बिना आयोग के पूर्वानुमोदन के बिजली की खपत के मानक में किसी तरह का बदलाव न किया जाए।

परिषद बोली, उपभोक्ताओं की बड़ी जीत
इस मामले में आयोग के समक्ष जनहित प्रत्यावेदन दाखिल करने वाली राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि आखिरकार आयोग ने भी परिषद के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। यह उपभोक्ताओं की बड़ी जीत है।
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