कई विभाग समूह ‘ग’ में वर्षों से खाली पदों की भर्तियां दबाए रहे। अब सरकार ने भर्तियों के लिए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन किया तो वे रिक्तियां बताने के बाद उसकी भर्ती से जुड़ी जरूरी सूचनाएं नहीं दे रहे हैं। इससे आयोग भर्ती की कार्यवाही को रफ्तार नहीं दे पा रहा है।
बताते चलें, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के गठन के बाद विभागों से कई बार रिक्त पदों की सूचनाएं मांगी जा चुकी हैं। कई बार समय भी दिया गया। बात बनती नजर नहीं आई तो पिछले दिनों मुख्य सचिव आलोक रंजन ने सभी विभागों के अफसरों के साथ बैठक कर समूह ‘ग’ की भर्तियों की तैयारी की समीक्षा की।
तब तक विभागों की ओर से करीब 75 हजार रिक्त पदों की जानकारी दी गई थी, लेकिन तमाम विभागों ने उससे जुड़ी नियमावली व आरक्षण समेत अन्य सूचनाएं तब भी नहीं दी थीं।
यह भी पता चला था कि विभागों ने रिक्तियों की सूचनाएं तक नहीं बताई थीं। समूह ग के करीब सवा दो लाख पद खाली बताए जा रहे हैं। मुख्य सचिव ने विभागों को 31 जनवरी तक रिक्त पदों का ब्यौरा, उससे जुड़ी नियमावली व अन्य सूचनाएं आयोग को उपलब्ध कराने को कहा था।
बड़े पदों पर नहीं मिल पा रही है जानकारी
आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विभागों से कम रिक्तियों वाले टर्नर, फिटर, लैब असिस्टेंट जैसे पदों की सूचनाएं ही आ रही हैं। बड़े पद व अधिक संख्या वाली रिक्तियों की सूचनाएं विभाग नहीं दे रहे हैं।
विभागों में पंचायतीराज अधिकारी, ग्राम्य विकास अधिकारी, नायब तलसीलदार, आबकारी निरीक्षक, पूर्ति निरीक्षक, मनोरंजन कर निरीक्षक, विपणन निरीक्षक व सहकारिता के काफी पद खाली हैं।
लेकिन इनकी भर्तियां शुरू करने के लिए जरूरी जानकारी नहीं दी जा रही है। सचिवालय के सुरक्षा दल और कंप्यूटर सहायक की भर्ती भी आयोग के दायरे में है।
आयोग को इनसे जुड़ी सूचनाएं भी नहीं मिल रहीं। इसकी वजह से रिक्तियों के बावजूद विज्ञापन जारी नहीं हो पा रहे हैं। इससे बेरोजगार युवाओं को अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।