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72,825 शिक्षक भर्ती पर सबसे बड़ी खबर

Sat, 13 Sep 2014 11:02 AM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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प्राथमिक विद्यालयों में 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के मामले में बने भ्रम को सरकार ने दूर कर दिया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने शुक्रवार को सभी डायट प्राचार्य व बेसिक शिक्षा अधिकारियों को शासनादेश भेजकर सभी बिंदुओं पर स्थिति साफ कर दी है।
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अनारक्षित श्रेणी के अभ्यर्थी जिनके स्नातक में 45 प्रतिशत अंक हैं, वे भी काउंसलिंग में शामिल किए जाएंगे। वहीं आरक्षित श्रेणी के 40 प्रतिशत अंक वालों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।

इग्नू एवं राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से दो वर्ष का पत्राचार बीएड करने वालों को भी इस भर्ती के लिए पात्र माना गया है।

इन प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में कई दिक्कतें आ रही थीं, जिन्हें राज्य स्तर पर गठित समस्या निवारण समिति के सामने रखा गया। इस समिति ने 10 सितंबर को आयोजित बैठक के बाद अपनी रिपोर्ट सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को सौंप दी।
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ये हैं रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु

एससीईआरटी के निदेशक सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने समिति की रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को इसका शासनादेश जारी कर दिया। उन्होंने साफ किया कि प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में इसी के आधार पर कार्यवाही की जाए।

राज्य स्तरीय समिति की रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
-अनारक्षित श्रेणी के वे अभ्यर्थी जिनके स्नातक में 45 प्रतिशत से कम अंक हैं व आरक्षित श्रेणी के वे अभ्यर्थी जिनके 40 प्रतिशत से कम अंक हैं, चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे।

-बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली एवं प्रशिक्षु शिक्षक चयन 2011 के शासनादेश में एलटी व सीटी अभ्यर्थियों के आवेदन के लिए कोई प्रावधान नहीं है। इस कारण ये शामिल नहीं हो सकते हैं।

-इग्नू व राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से दो वर्ष का पत्राचार बीएड करने वाले चयन प्रक्रिया के लिए अर्हता रखते हैं।

एक वर्षीय स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी अर्ह

-बीटेक, बीफार्मा, बीएससी आईटी, बीएससी कृषि, बीएससी गृह विज्ञान आदि प्रोफेशनल कोर्स को विज्ञान वर्ग में व बीसीए को इंटर के आधार पर विज्ञान/कला वर्ग में रखा जाए।

-उस्मानिया विश्वविद्यालय हैदराबाद से 1995 तक एक वर्षीय स्नातक उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी भी काउंसलिंग के लिए अर्ह माने जाएंगे।

-नेपाल से हाईस्कूल उत्तीण अभ्यर्थी को अर्ह नहीं माना जाएगा।
-टीईटी-2011 में जाति गलत अंकित होने के मामले में अभ्यर्थी से शपथ पत्र लेते हुए कंडीशनल चयन किया जा सकता है।

-अंतिम तिथि तक डायट में आवेदन पत्र प्राप्त न होने वाले अभ्यर्थियों के बारे में कोई भी विचार करना उचित नहीं है।

-विलंब से प्राप्त आवेदनों को शामिल किए जाने को लेकर हाईकोर्ट ने भी कई आदेश दिए हैं। इसमें विलंब से प्राप्त होने वाले ऐसे आवेदन जिनके डाटा इंट्री का कार्य डायट ने कर लिया है, उन्हें ही शामिल किया जाए।
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इन्हें मिलेगा विशेष श्रेणी में शामिल होने का मौका

-यदि निशक्तजन श्रेणी की कट ऑफ सभी वर्गों से अधिक हो जाए और तो ऐसा अभ्यर्थी अन्य श्रेणियों के न्यूनतम गुणांक से अधिक अंक प्राप्त कर रहा हो तो उसे उसकी जाति की श्रेणी में चयनित कर लिया जाए।

- स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों व पूर्व सैनिक श्रेणी के अभ्यर्थियों को विशेष आरक्षण की श्रेणियों में ही चयनित किया जाए।

विशेष आरक्षण के लिए निर्धारित न्यूनतम कट ऑफ मेरिट यदि सामान्य, ओबीसी, एससी-एसटी से अधिक हो जाए और ऐसा अभ्यर्थी अन्य श्रेणियों के न्यूनतम गुणांक से अधिक अंक प्राप्त कर रहा हो तो उसकी जाति से संबंधित श्रेणी में ही उसे चयनित किया जाएगा।
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