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कोरोना के कहर के बीच बारिश से किसानों को भारी नुकसान, गेहूं, चना और मटर की खड़ी फसलें बर्बाद

Fri, 27 Mar 2020 06:55 PM IST
ishwar ashish lucknow, uttar pradesh, india
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- फोटो : amar ujala
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कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच ही प्रकृति की मार भी बुरी तरह से किसानों पर पड़ रही है। शुक्रवार को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से खेतों में पकी खड़ी लाखों हेक्टेयर फसल को भारी नुकसान हुआ है।

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कृषि विभाग ने फसलों को हुए नुकसान के सर्वे के निर्देश दे दिए हैं। अधिकारियों का भी मानना है कि यह बारिश किसानों के लिए बड़ी विपदा से कम नहीं है।

प्रदेश में 130 लाख हेक्टेयर जमीन में रबी की फसलें ली जाती हैं। इनमें गेहूं मुख्य फसल है, जिसका कुल रकबा 99 लाख हेक्टेयर है। इस तरह से चना 6 लाख हेक्टेयर, मटर, मसूर व अरहर 4-4 लाख हेक्टेयर और राई-सरसों 8 लाख हेक्टेयर में खड़ी है। ये सभी फसलें पूरी तरह तैयार हैं।

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खेतों में गिर गया खड़ा गेहूं

शुक्रवार को बारिश और तेज हवाओं ने इन फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में खड़ा गेहूं गिर गया है। अब इसके दोबारा खड़े होने की संभावना न के बराबर है, क्योंकि पकने के स्तर पर पहुंचे गेहूं के पौधे गिरने के बाद फिर खड़े नहीं हो पाते हैं।

अधिकांश दाने सड़ जाते हैं। इसी तरह चना, मटर, मसूर और राई-सरसों को भी हवा-बारिश ने प्रभावित किया है। अरहर की फसल कटने में अभी थोड़ा वक्त है, लेकिन बारिश और हवा ने इसके फूल को काफी नुकसान पहुंचाया है।

इससे इसका भी उत्पादन बुरी तरह प्रभावित होगा। इस बारे में संपर्क किए जाने पर अपर कृषि निदेशक, सांख्यिकी राजेश गुप्ता ने कहा कि शुक्रवार की बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है। इसके आकलन के लिए जिलों से सूचना मांगी जा रही है।
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