शुक्रवार को बारिश और तेज हवाओं ने इन फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में खड़ा गेहूं गिर गया है। अब इसके दोबारा खड़े होने की संभावना न के बराबर है, क्योंकि पकने के स्तर पर पहुंचे गेहूं के पौधे गिरने के बाद फिर खड़े नहीं हो पाते हैं।
अधिकांश दाने सड़ जाते हैं। इसी तरह चना, मटर, मसूर और राई-सरसों को भी हवा-बारिश ने प्रभावित किया है। अरहर की फसल कटने में अभी थोड़ा वक्त है, लेकिन बारिश और हवा ने इसके फूल को काफी नुकसान पहुंचाया है।
इससे इसका भी उत्पादन बुरी तरह प्रभावित होगा। इस बारे में संपर्क किए जाने पर अपर कृषि निदेशक, सांख्यिकी राजेश गुप्ता ने कहा कि शुक्रवार की बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है। इसके आकलन के लिए जिलों से सूचना मांगी जा रही है।