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ग्रामीणों को बड़ा घर देगी अखिलेश सरकार

Mon, 03 Nov 2014 11:03 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने ग्रामीणों के लिए पहले से बड़ा लोहिया आवास बनाने का फैसला किया है। अब यह आवास 28.30 वर्गमीटर के स्थान पर 30 वर्गमीटर में बनेगा। इसकी लागत भी 2.75 लाख से बढ़ाकर 3.05 लाख रुपये कर दी गई है।
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ग्राम्य विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लोहिया आवास के लिए जो 3.05 लाख रुपये दिए जाएंगे, उसमें 2.75 लाख रुपये निर्माण के लिए तथा 30 हजार रुपये सोलर लाइट के लिए होंगे।

लोहिया समग्र ग्रामों को आवासीय सुविधा देने के लिए सरकार सामान्य मद से 1535.04 करोड़ रुपये और स्पेशल कंपोनेंट मद में 63.915 करोड़ रुपये की व्यवस्था अनुपूरक मांग के जरिये करेगी। यदि बजट की कमी हुई तो आवश्यक राशि हुडको से कर्ज लेकर जुटाई जाएगी।
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बताते चलें, सपा सरकार ने लोहिया ग्रामीण आवास योजना के जरिये ग्रामीणों को आवास उपलब्ध कराने पर बड़ा फोकस बनाया है।

तीसरी बार बढ़ाई गई लागत

सरकार द्वारा लोहिया ग्रामीण आवास योजना में लगातार सुधार करते हुए तीसरी बार लागत बढ़ाई गई है। पहले ये आवास सोलर लाइट के साथ 1.30 लाख रुपये में बनते थे।

बाद में आवास का क्षेत्रफल बढ़ाने के साथ ही लागत 1.60 लाख रुपये की गई। अब एक बार फिर इसका क्षेत्रफल बढ़ाने के साथ ही लागत भी बढ़ाई गई है। सरकार के इस फैसले का तत्काल 1.01 लाख से ज्यादा लाभार्थी फायदा पाएंगे।

पैसे की कमी से छूटे पुराने सभी लाभार्थी पाएंगे आवास
प्रदेश सरकार ने लोहिया समग्र ग्रामों में पिछले तीन सालों में चयनित उन सभी लाभार्थियों को आवास देने का फैसला किया है जो बजट की कमी की वजह से आवास नहीं पा सके थे।

सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 54545 आवास बनाने का फैसला किया है। इसके अलावा पिछले तीन वर्षों में बजट के अभाव में आवास न पाने वाले चयनित लाभार्थियों की संख्या करीब 47060 है। इस तरह चालू वित्त वर्ष तक सरकार को समग्र ग्रामों में करीब 1,01,600 आवास बनाने हैं।
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वर्तमान में है 1500 करोड़ का बंदोबस्त

वर्तमान में लोहिया आवास के लिए 1500 करोड़ का बजट बंदोबस्त है। पुराने लाभार्थियों को आवास देने, आवास का क्षेत्रफल बढ़ाने जैसे कारणों से 1600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त जरूरत बढ़ गई है। कैबिनेट ने तय किया कि आवश्यकता के हिसाब से हुडको से अधिकतम 8.5 प्रतिशत की दर से ऋण ले लिया जाएगा।

लाभार्थी चाहें तो खुद और भी बड़ा आवास बना सकेंगे
सरकार ने तय किया है कि योजना के अनुसार आवास का आकार, क्षेत्रफल व ले-आउट न्यूनतम 30 वर्गमीटर रहेगा।

यदि लाभार्थी अपनी सुविधा व व्यवहारिता के आधार पर आवास का क्षेत्रफल बढ़ाना चाहता है तो बढ़ा सकेगा। हालांकि वह ले-आउट के अनुसार फर्श व चौखट की कमी नहीं कर पाएगा।
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