प्रदेश कैबिनेट ने लेखपाल भर्ती नियमावली में संशोधन कर इंटरव्यू 10 नंबर से बढ़ाकर 20 नंबर का कर दिया है। इसी के साथ लेखपाल के करीब 7000 रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया।
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प्रदेश में लेखपाल भर्ती के लिए वर्तमान में 90 नंबर की लिखित परीक्षा व 10 नंबर के इंटरव्यू का प्रावधान है। राजस्व विभाग पिछले एक साल से इंटरव्यू का नंबर बढ़ाने की कार्यवाही में जुटा था।
मंगलवार को प्रदेश कैबिनेट ने 80 नंबर की लिखित परीक्षा व 20 नंबर के इंटरव्यू के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। फैसले के अनुसार, अब बहुविकल्पीय लिखित परीक्षा में सामान्य हिंदी, गणित, सामान्य ज्ञान और ग्रामीण समाज व विकास से जुड़े 20-20 नंबर के प्रश्न पूछे जाएंगे।
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20 नंबर का इंटरव्यू होगा। पहले गणित से जुड़े सवाल 30 नंबर के आते थे। इसे घटाकर 20 नंबर कर दिया गया और इंटरव्यू में जोड़ दिया गया।
मुख्यमंत्री की अनुमति जरूरी नहीं
सरकार ने विभागीय मंत्रियों व वित्त मंत्री के वित्तीय अधिकार बढ़ाने के साथ ही पांच करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं की वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने का अधिकार प्रशासकीय विभागों को दे दिया है। इसके लिए बजट मैनुअल में संशोधन के प्रस्ताव को प्रदेश कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार यदि किसी परियोजना की लागत पांच करोड़ रुपये तक है तो उस विभाग का मुखिया परियोजना का एस्टीमेट तैयार कराएगा। वही उस पर सक्षम अधिकारी का अनुमोदन लेगा और फिर वित्तीय स्वीकृति जारी करेगा। इसके लिए न तो वित्त मंत्री की अनुमति लेनी होगी और न ही मुख्यमंत्री की।
फैसले के अनुसार पांच करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं के संबंध में विभागीय मंत्री और पांच करोड़ से अधिक व 15 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं पर वित्त मंत्री की अनुमति लेनी होगी। 15 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त कर वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा सकेंगी।
11526 करोड़ में बनेगा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे 11526.73 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को यूटिलिटी शिफ्टिंग सहित एक्सप्रेस-वे की लागत को मंजूरी दे दी। परियोजना पूर्व अनुमानित लागत से करीब 2226 करोड़ बढ़ गई है।
पहले इस एक्सप्रेस वे की लागत करीब 9300 करोड़ आंकी गई थी। एक्सप्रेस वे के पांचों पैकेज की अलग-अलग लागत भी तय कर दी गई है। यह एक्सप्रेस वे चार कंपनियां बनवा रही हैं। इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण सरकार अपने बजट से करवा रही है। बताते चलें कि सरकार ने परियोजना की लागत को मंजूरी देने के पहले इसका दोहरा मूल्यांकन कराया।
पहले एक निजी फर्म राइट्स से आकलन कराया गया। इसके बाद यूपीडा के तकनीकी सेल ने राइट्स की ओर से बताई गई लागत का परीक्षण किया। फिर परियोजना के पांचों पैकेजों की लागत का निर्धारण किया गया। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि परियोजना के मूल्यांकन की इस प्रणाली को उच्च न्यायालय के दो सेवानिवृत्त जजों ने उचित व पारदर्शी बताया है।
नोएडा मेट्रो विस्तार के एग्रीमेंट को मंजूरी
नोएडा सिटी सेंटर सेक्टर 32 से सेक्टर 62 (एनएच-24) के बीच मेट्रो रेल परियोजना के विस्तार के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) और नोएडा अथॉरिटी के बीच होने वाले एग्रीमेंट को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे गई है।
एग्रीमेंट के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा को अधिकृत करने के प्रस्ताव को इस शर्त के साथ मंजूरी दी गई कि राज्य सरकार कोई वित्तीय सहायता नहीं देगी। प्रस्तावित मेट्रो लाइन की लंबाई 6.675 किलोमीटर और लागत लगभग 1,880 करोड़ रुपये है।
मदरसों को अनुदान पर लेने का बदलेगा मानक प्रदेश में उर्दू शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मदरसों को अनुदान पर लेने के लिए मानक बदलने के प्रारूप संबंधी प्रस्ताव को मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई। कैबिनेट ने मानक में संशोधन के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अधिकृत किया है। वे तय करेंगे कि मानक में क्या बदलाव किया जाए। इसके बाद मानक पर खरे उतरने वाले मदरसों को अनुदान पर लिया जाएगा।
अल्पसंख्यक विभाग की जानकारी के मुताबिक वर्ष 1998 तक आलिया स्तर के 246 मदरसे अनुदान की प्रतीक्षा सूची में थे। वर्ष 2010 में 100 मदरसों को अनुदान सूची पर लिया गया। मानक संशोधन के बाद 146 मदरसों को अनुदान सूची पर लिया जाएगा, जिसमें पहले चरण में 75 मदरसों को अनुदानित किया जाएगा। शेष मदरसों को अगले चरण में अनुदान पर लिए जाने पर विचार किया जाएगा।
राज्य सरकार ने नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो रेल परियोजना शुरू करने के लिए नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एनएमआरसी) के गठन को स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) बनाने को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसके लिए मेमोरंडम ऑफ एसोसिएशन (एमओए) तथा आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (एओए) के प्रारूप को अनुमोदित किया गया।
इसके अलावा नोएडा से ग्रेटर नोएडा मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्वयन के लिए डीएमआरसी से टर्न-की कंसल्टेंसी फॉर एक्जीक्यूशन ऑफ मेट्रो कॉरिडोर के माध्यम से कराने के एग्रीमेंट को भी मंजूरी दी गई।
अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा और ग्रेटर नोएडा को अधिकृत किया गया है। इस प्रोजेक्ट पर 5,533 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाते हुए डीपीआर दिया था। कैबिनेट ने इसे भी अनुमोदित किया है।