यूपी बोर्ड की परीक्षा में परीक्षा कक्ष से बाहर उत्तर पुस्तिकाएं न लिखी जा सकें, इस पर नकेल लगाने के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।
इसके मुताबिक, अब प्रति छात्र के हिसाब से सादी कॉपियां दी जाएंगी। नई पाठ्यचर्या के अनुसार अब हाईस्कूल की परीक्षा में प्रति छात्र छह और इंटर में प्रति छात्र 11 कॉपियां दी जाएंगी।
हाईस्कूल में प्रति छात्र 40 प्रतिशत बी और इंटर में 30 प्रतिशत बी कॉपियां केंद्रों को दी जाएंगी।
माध्यमिक शिक्षा सचिव शकुंतला यादव ने इस संबंध में जिलों को निर्देश भेज दिया है। इसके अलावा जहां कॉपियां रखी जाएंगी उसके बोर्ड प्रभारी का मोबाइल नंबर बोर्ड ऑफिस में रहेगा, ताकि जरूरत पर उससे तुरंत संपर्क किया जा सकेगा।
जिला विद्यालय निरीक्षकों से कहा गया है कि परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रवार परीक्षार्थियों की संख्या का आकलन करते हुए प्राप्त होने वाली कॉपियों का लेखा-जोखा रखने के लिए रजिस्टर बना लिया जाए।
केंद्रवार परीक्षार्थियों की संख्या, मानक के अनुसार उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या, केंद्रों को दी जाने वाली उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या तिथिवार अंकित की जाएगी।
इस स्थाई रजिस्टर की निरीक्षण करने वाले अधिकारियों से आख्या ली जाएगी। परीक्षा के बाद इस रजिस्टर की फोटो कॉपी स्वयं प्रमाणित करते हुए सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद को देना होगा।
परीक्षा शुरू होने से पहले राजकीय मुद्रणायल से केंद्रों को सादी कॉपियां सीधे नहीं दी जाएंगी। सादी कॉपियां केंद्रों पर पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या के आधार पर दी जाएंगी।
सादी कॉपियां बांटते समय इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि परीक्षा शुरू होने से पहले सभी केंद्रों को 50 फीसदी कॉपियां मिल जाए, जिससे परीक्षा में किसी तरह की समस्या न आए।
सचिव ने कहा है कि विगत वर्षों में बोर्ड की परीक्षा में केंद्रों को सादी कॉपियां छात्र संख्या से अधिक दे दी गई थीं, इसलिए इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।