उत्तर प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और राजस्व विभाग के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ी पहल करने जा रही है। इसके तहत लेखपाल से लेकर आयुक्त स्तर तक के अधिकारियों को एकीकृत डैशबोर्ड से जोड़ने की योजना है। इससे राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और जवाबदेही भी तय होगी।
डैशबोर्ड के जरिये राजस्व विभाग के सभी अधिकारी जैसे लेखपाल, नायब तहसीलदार, तहसीलदार, एसडीएम और आयुक्त अब एक ही डिजिटल मंच पर जानकारी साझा कर सकेंगे। इससे न सिर्फ कार्यों की निगरानी आसान होगी, बल्कि जनता की शिकायतों का समयबद्ध समाधान भी सुनिश्चित होगा।
ये भी पढ़े- UP: महिलाओं के सुझाव से संवरेंगे शहर, सलाह पर तैयार होंगी विकास की योजनाएं; इन मामलों में महिलाएं अधिक जानकार
डैशबोर्ड से अधिकारियों की गतिविधियों की मॉनिटरिंग भी की जा सकेगी। इससे हर स्तर के अधिकारी की जवाबदेही तय की जा सकेगी। जनता के साथ शासन को भी यह जानकारी मिल सकेगी कि कौन अधिकारी किस स्तर पर कितना सक्रिय है।
ये भी पढ़े- यूपी: बुधवार से पूरे प्रदेश में लू चलने का अलर्ट, आज कई जिलों में 40 के ऊपर जा सकता है तापमान, ये हैं पूर्वानुमान
यह योजना सरकार की व्यापक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पहल का हिस्सा है। सरकार चाहती है कि तकनीक के जरिये प्रशासन को और जवाबदेह और संवेदनशील बनाया जाए। भूमि विवादों के समाधान में अक्सर समय लगता है, लेकिन इस डैशबोर्ड की मदद से अधिकारी संबंधित दस्तावेजों को डिजिटल रूप में तत्काल देख सकेंगे। इससे समस्या का जल्द निस्तारण संभव होगा और गांवों में होने वाले विवादों पर भी अंकुश लगेगा।
डैशबोर्ड से होंगे ये फायदे
डैशबोर्ड पर भूमि रिकॉर्ड, भू-माप, राजस्व संग्रह और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध होंगी। अधिकारी इन आंकड़ों का विश्लेषण कर तेजी से निर्णय ले सकेंगे। इससे विभागीय कार्यों में पारदर्शिता आएगी।