सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में उद्यमियों को 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश पर दी जाने वाली सहूलियतों से जुड़े मामले में मंत्रिसमूह ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है।
इसे जल्द ही कैबिनेट को भेजने की तैयारी है। संकेत है कि सरकार निवेशकों को राहत दे सकती है।
मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश पर कई तरह की सहूलियतें देने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में आई बसपा सरकार ने उद्यमियों को सहूलियतें देने से मना कर दिया था।
कई निवेशक तब हाईकोर्ट चले गए थे। 2012 में सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद हाईकोर्ट ने नई सरकार से इस मामले में उसकी राय पूछी। इस पर सरकार ने अपनी राय देने के लिए एक मंत्रिसमूह का गठन किया था।
कृषि मंत्री आनंद सिंह की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय मंत्रिसमूह ने अपनी सिफारिशें भी दीं लेकिन कैबिनेट ने उसे स्वीकार नहीं किया और नए सिरे से पांच सदस्यीय मंत्रिसमूह को विचार-विमर्श कर रिपोर्ट देने को कहा।
इस बीच हाईकोर्ट ने निवेशकों के मामले में निर्णय की जिम्मेदारी सरकार को सौंपते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया था।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक रंजन ने बताया कि मंत्रिसमूह ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसे अंतिम निर्णय और विचार के लिए जल्द ही कैबिनेट को भेजा जाएगा।