प्रदेश के बड़े शहरों में त्वरित यातायात व्यवस्था पर फोकस करते हुए सरकार ने मेट्रो रेल परियोजनाओं को गति देने पर फोकस किया है। अपनी घोषणाओं को पूरा करते हुए सरकार ने औद्योगिक नगर कानपुर और ताज नगरी आगरा में मेट्रो रेल परियोजना को शुरू करने के 350 करोड़ रुपये की बजट की व्यवस्था कर दिया है। साथ ही अन्य पांच शहरों में वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ व झांसी में भी मेट्रो रेल परियोजना के प्रारंभिक कार्यों के लिए भी 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
गरीबों को मिलेगा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ
प्रदेश सरकार ने अपने तीसरे बजट में गरीबों का विशेष ख्याल रखा है। साथ ही पहली बार चिकित्सा के क्षेत्र में दो विश्वविद्यालयों के लिए बजट की व्यवस्था की गई है। वहीं, आयुष्मान भारत योजना से छूटे पात्र लाभार्थियों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से लाभांवित किया गया है। इस योजना से 10.10 लाख लोगों को लाभान्वित करने की योजना है। इसके लिए 111 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
बेटियों के लिए ‘कन्या सुमंगला’ योजना : बेटियों के जन्म, एक वर्ष का टीकाकरण पूरा होने पर, तीसरी कक्षा में प्रवेश, इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होने के बाद स्नातक डिग्री या डिप्लोमा में प्रवेश के साथ बालिग होने पर नकद धनराशि देने का प्रस्ताव है। इसके लिए बजट में 1200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
किसानों के लिए ‘निराश्रित एवं बेसहारा गौ वंश का संरक्षण’
निराश्रित व बेसहारा गौवंश से किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान को देखते हुए सरकार ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में गौवंश के भरण-पोषण व संरक्षण के लिए 612 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें शहरी क्षेत्र के लिए 200 करोड़ व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 412 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
सरकार दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित कर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए डेयरी स्थापना को प्रोत्साहन देगी। कम पशुओं वाली 10 हजार डेयरी की स्थापना के लिए 64 करोड़ रुपये पं. दीनदयाल उपाध्याय लघु डेयरी योजना के अंतर्गत प्रस्तावित हैं। मथुरा में बड़ी नई डेयरी की स्थापना केलिए 56 करोड़ रुपये मिलेंगे।
दो नए विश्वविद्यालयों का किया एलान
सरकार ने बजट में एक आयुष व एक चिकित्सा विश्वविद्यालय का एलान किया है। आयुष विश्वविद्यालय के लिए 10 करोड़ तथा अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ के लिए 50 करोड़ रुपये मिलेंगे। चिकित्सा विश्वविद्यालय के अंतर्गत सभी मेडिकल व डेंटल कालेजों का प्रबंधन होगा।
बजट में सरकार ने कानून-व्यवस्था पर भी खास फोकस रखा है। कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए 36 नए थानों के निर्माण, पुलिसकर्मियों व पीएसी के प्रशिक्षण क्षमता में विस्तार व बैरक निर्माण के लिए 700 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सात नवसृजित जिलों में पुलिस लाइन केलिए 400 करोड़ तथा पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 204 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास
सरकारी क्षेत्र की बन्द पड़ी चीनी मिलों के पुनर्संचालन हेतु 50 करोड़ रुपए की व्यवस्था की। वहीं, सहकारी क्षेत्र की बंद चीनी मिलों को पी.पी.पी. पद्धति से फिर से शुरू किये जाने हेतु 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है।
- राष्ट्रीय कृषि विकास योजना हेतु 892 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- नेशनल क्रॉप इन्श्योरेंस प्रोग्राम हेतु 450 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- उर्वरकों के पूर्व भण्डारण योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2019-2020 के बजट में 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
- विपणन वर्ष 2019-20 हेतु 1840 रुपये प्रति कुन्तल की दर से 6000 क्रय केन्द्रों के माध्यम से गेहूँ क्रय किया जाना प्रस्तावित।
- वर्ष 2019-20 में 60.51 लाख कुन्तल बीज वितरण का लक्ष्य।
- इसी तरह 77.26 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य।
- प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
- प्रदेश के परंपरागत कारीगरों जैसे बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, नाई, - मोची, राजमिस्त्री के उत्थान के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना प्रारम्भ की गई है जिसके लिये 30 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति-2017 के क्रियान्वयन के लिए 10 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग -
- पावरलूम बुनकरों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराये जाने हेतु 150 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
- उत्तर प्रदेश हैण्डलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्सटाइल्स एण्ड गारमेन्टिंग पॉलिसी 2017 के लिए 50 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
- प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण हेतु वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट में 6,240 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई।
- राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना के क्रियान्वयन के लिए 3,488 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
- बुन्देलखण्ड, विन्ध्य क्षेत्र एवं गुणता प्रभावित ग्रामों में पाईप पेयजल योजना हेतु 3,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
- राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के लिए 2,954 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन हेतु 1,393 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
- मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण हेतु वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट में 429 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
- श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन हेतु 224 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
- विधान मण्डल क्षेत्र विकास निधि के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2019-20 में 1008 करोड़ रुपये की धनराशि की व्यवस्था विकास कार्यों के लिए और 201 करोड़ 60 लाख रुपये की व्यवस्था जी.एस.टी. के भुगतान के लिए प्रस्तावित।