लखनऊ। हिंदी व भोजपुरी के प्रतिष्ठित कवि-गीतकार, लेखक, पत्रकार रामबहादुर अधीर पिंडवी का रविवार को निधन हो गया। 77 वर्ष की आयु में उन्होंने अपने पैतृक गांव पिंडी (देवरिया) में अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव पिंडी में ही होगा। ये जानकारी नवसृजन साहित्यिक व सांस्कृतिक संस्था के महामंत्री देवेश द्विवेदी देवेश ने दी।
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उन्होंने बताया कि पिंडवी ने तनी सुनि ला अरजिया हमार हो, हमरी मइया शारदा, गउंवा के बूढ़ बरगदवा बोलावेला, ए बबुआ बहुते तोहार याद आवेला, हमरी माई जइसन हमरा के प्यार के करी जैसे अत्यंत ही लोकप्रिय भोजपुरी गीतों की रचना की। अधीर पिंडवी ने अनेक समाचार पत्रों में सेवाएं भी दीं। वह अखिल भारतीय भोजपुरी समाज से जुड़कर भोजपुरी के विकास के लिए लगातार प्रयासरत रहे। उनके सैकड़ों गीतों को अनेक भोजपुरी गायकों ने गाया है। उनके गीतों के अनेक एल्बम भी आ चुके हैं।