भोजपुरी फिल्म एण्ड टीवी वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से ‘भोजपुरी अवॉर्ड-2013’ का वितरण 16 नवम्बर को अंसल गोल्फ सिटी में होगा।
अवॉर्ड के लिए वर्ष 2012 में बनी भोजपुरी फिल्मों से आवेदन मांगे गए हैं। 30 श्रेणियों में पुरस्कार बांटे जाएंगे और प्रत्येक कैटेगरी में पांच फिल्मों का नामांकन किया जाएगा।
अवॉर्ड को लेकर सोमवार को एसोसिएशन की ओर से होटल क्लार्क अवध में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह उपस्थित रहे।
उन्होंने पुरस्कारों की तारीख घोषित की और कहा कि प्रदेश में फिल्म सिटी को विकसित करने के लिए सरकार प्रयासरत है। यूपी में फिल्मों की शूटिंग करने वाले निर्देशकों को सब्सिडी के तौर पर 30 लाख रुपए देने की व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने कहा कि मुम्बई के लोग वहां रह रहे यूपी-बिहार के लोगों की एकजुटता, पहचान बनाए रखने की ताकत और मेहनत से जलते हैं। इसलिए उनका विरोध करते हैं। इन प्रदेशों में वह खासियत है कि गांव से निकलकर शहर में जाने वाले अपनी अलग पहचान कायम कर लेते हैं।
एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद गुप्त ने कहा कि यह आठवां पुरस्कार वितरण समारोह है। भोजपुरी फिल्मों के अवॉर्ड की शुरूआत वर्ष 2005 में हुई थी। यह पहला मौका है जब लखनऊ में पुरस्कारों का वितरण हो रहा है, इसके पहले सभी आयोजन मुम्बई या अन्य शहरों में कराए गए हैं।
भोजुपरी अभिनेता कुनाल सिंह ने कहा कि यूपी व बिहार की सरकारें भोजपुरी फिल्मों व कलाकारों के हितों को लेकर जागरुक नहीं है। यही कारण है कि बाहर हमारे कलाकारों को अपमान सहना पड़ता है।
वार्ता में भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ, सुरेंद्र पाल, कुनाल सिंह, निर्माता अभय सिन्हा, अवधेश मिश्र, निर्देशक असलम शेख, उदेश्वर कुमार सिंह और अभिनेत्रियां रानी चटर्जी व संभावना सेठ मौजूद रहीं।