लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि में पीएचडी कोर्स वर्क पूरा हुए दो माह बीतने को हैं, लेकिन अभी तक परीक्षा नहीं कराई जा सकी है। इससे शोधार्थियों का शोध कार्य अटक गया है। परीक्षा की तिथियों के इंतजार में पीएचडी विद्यार्थी परेशान हैं।
भाषा विवि में बीते वर्ष मार्च और अप्रैल माह में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई थी। जुलाई तक दाखिला प्रक्रिया पूरी कर कोर्स वर्क शुरू कर दिया गया। विवि अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों में शोधार्थी के लिए छह माह का कोर्स अनिवार्य किया गया है।
इसके बाद विवि शोधार्थी की परीक्षा कराता है। परीक्षा में पास होने के बाद वह चुने विषय पर शोध कार्य शुरू करता है। ऐसे में विद्यार्थियों की परीक्षा न होने से उनका शोध कार्य पिछड़ने की आशंका है।
कुछ विद्यार्थियों ने स्वयं पोर्टल पर कोर्स वर्क विकल्प चुना था, जिससे परीक्षाओं में विलंब हो रहा है। हमारी तैयारी है कि सम सेमेस्टर परीक्षाओं के साथ पीएचडी शोधार्थियों के कोर्स वर्क की परीक्षा करवा ली जाए।
प्रो. एहतेशाम अहमद, समन्वयक पीएचडी भाषा विवि