भाषा विविः दो शिक्षकों की बर्खास्तगी मामले की जांच पूरी
लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में दो शिक्षकों की बर्खास्तगी के मामले में राजभवन के आदेश पर गठित उच्च स्तरीय समिति की जांच पूरी हो गई है। समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट विवि प्रशासन को सौंप दी है। इसी माह में होने वाली कार्यपरिषद की बैठक में जांच रिपोर्ट को रखा जाएगा। इसमें इन शिक्षकों पर फैसला होगा।
भाषा विवि में 10 मार्च 2024 को हुई कार्यपरिषद की बैठक में नौ शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया था। इन पर नियुक्ति के समय तय अर्हता पूरी न करने का दोष साबित हुआ था। इनमें से इंजीनियरिंग संकाय के दो शिक्षकों डॉ. मानवेंद्र सिंह और डॉ. ममता शुक्ला ने विवि के कार्यपरिषद के फैसले को राजभवन में चुनौती थी। सुनवाई करते हुए राज्यपाल ने विवि को उच्च स्तरीय समिति बनाकर नियुक्ति अर्हता संबंधी विषय की जांच कर मामला निस्तारित करने का आदेश दिया था।
इसके बाद पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई गई थी। इसमें एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी सैनी, एचबीटीयू के कुलपति प्रो.शमशेर सिंह, एआईटीडी कानपुर की निदेशक प्रो. रचना अस्थाना, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बांदा के निदेशक प्रो. एसपी शुक्ला व एचबीटीयू के प्रो. ललित कुमार शामिल थे। जिन्होंने पूरे मामले की विस्तृत जांच की है।
कुलसचिव भाषा विवि महेश कुमार के अनुसार समिति की सील बंद रिपोर्ट मिल गई है। इसी माह होने वाली कार्यपरिषद की बैठक में इसे रखा जाएगा। इसके बाद जो भी निर्णय होगा उससे सभी अवगत करा दिया जाएगा।