महापंचायत में इकट्ठा हुए किसान।
- फोटो : amar ujala
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने में नाकाम साबित हो रही है। गन्ना और आलू किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। आज किसान करो या मरो की स्थिति में है।
लखनऊ में महापंचायत करके किसान अपना दर्द सरकार को सुनाने आया है। शासन की ओर से अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा और एसपी पूर्वी ने महापंचायत में पहुंचकर कहा कि मुख्यमंत्री उनके प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करना चाहते हैं। इस पर राकेश टिकैत की अगुआई में 9 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दो बजे मुख्यमंत्री आवास पर वार्ता के लिए गया।
महापंचायत में इकट्ठा हुए किसान।
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भाकियू नेताओं ने मुख्यमंत्री से 21 सूत्री मांग पत्र पर चर्चा की। सीएम योगी ने आश्वस्त किया कि सहकारी व निगम की चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान एक सप्ताह में करा दिया जाएगा।
भुगतान में टालमटोल करने वाली निजी क्षेत्र की चीनी मिलों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराकर भुगतान कराया जाएगा। गन्ना मूल्य बढ़ोतरी के बारे में भी चर्चा कर उचित निर्णय लिया जाएगा। आलू किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कमेटी बनाई जाएगी।
इसमें किसान प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। मंडल स्तर पर पशु आरोग्य मेलों का आयोजन किया जाएगा। किसानों पर दर्ज झूठे मुकदमों की जांच कराई जाएगी। धान खरीद की उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग की जाएगी।
सीएम से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश चौहान और दीवान चंद्र चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव राजपाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन, लखनऊ के मंडल अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा, मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र मलिक, बिजनौर के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह और मिर्जापुर के जिलाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भी शामिल रहे।