समाजवादी पार्टी ने सीतापुर से पूर्व विधायक अनिल वर्मा का
पत्ता काट दिया है। अब यहां से पूर्व विधायक भरत त्रिपाठी ताल ठोकेंगे।
सीतापुर सीट पर सपा ने दूसरी बार प्रत्याशी बदला है। अनिल के पहले
राज्यमंत्री नरेंद्र वर्मा के भाई महेंद्र वर्मा को उम्मीदवार घोषित किया
था।
सपा ने सीतापुर पर ब्राह्मण चेहरे पर
यूं ही दांव नहीं लगाया है। भाजपा के टिकटों को लेकर सीतापुर व आसपास
नाराजगी मुखर हो रही है।
दरअसल, सीतापुर में भाजपा का टिकट मांगने वालों
में कई ब्राह्मण शामिल थे। जिला अध्यक्ष ज्ञान तिवारी भी टिकट चाह रहे थे।
पर, टिकट बसपा से भाजपा में आए राजेश वर्मा को मिला। इसी से भाजपा में
विद्रोह जैसी स्थिति बन गई है।
स्वाभाविक है कि सपा के लिए इस सीट पर लाभ
उठाने का मौका है। इसीलिए उसने यहां ब्राह्मण चेहरे पर दांव लगा दिया।