फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत बंद: समर्थकों की नजर में सफल, विरोधी बोले- विफल

Fri, 07 Sep 2018 09:24 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
लखनऊ में भारत बंद का प्रदर्शन करते लोग
विज्ञापन

भारत बंद के समर्थकों ने एस.सी.-एस.टी. एक्ट पर आज के आंदोलन को सफल करार दिया है। कहा है कि आज के आंदोलन का मकसद संदेश देना था उसमें वह कामयाब रहा। विरोधियों ने बंद को पूरी तरह विफल बताते हुए दावा किया कि बंद से पिछड़ों ने जिस तरह किनारा किया उससे भारत बंद के आह्वान की पोल खुल गई।

विज्ञापन


यह भी कहा कि आज के आंदोलन से यह साफ हो गया है कि राज्य की 85 प्रतिशत आबादी को एस.सी. व एस.टी. एक्ट पर कोई आपत्ति नहीं है। चंद लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए  एक्ट का विरोध कर रहे हैं। सरकार ने अगर चंद लोगों के दबाव में आकर कोई बदलाव करने की कोशिश की तो उसका जबरदस्त विरोध होगा।

मजबूत होगा दलित-पिछड़ा गठबंधन
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश वर्मा ने कहा कि समिति की बृहस्पतिवार को यहां हुई बैठक में भारत बंद आंदोलन की समीक्षा की गई। जिसमें पता चला कि ज्यादातर जगह गिने-चुने लोग ही रास्ता रोक रहे थे।
विज्ञापन


कहा कि आज के बंद का जो हाल रहा है उससे और भविष्य में 85 बनाम 15 प्रतिशत की लड़ाई जोर पकड़ने की उम्मीद जगी है। दलित-पिछड़ा गठजोड़ मजबूत होगा। बैठक में के. बी. राम, डा. रामशब्द जैसवारा, आर.पी. केन सहित कई लोग शामिल थे।

विज्ञापन

न चेते तो भुगतेंगे

भारत बंद
सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे और भारतीय नागरिक परिषद के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश अग्निहोत्री ने कहा कि भारत बंद में हुए प्रदर्शनों ने यह संदेश दे दिया है कि अगड़ों और पिछड़ों के सम्मान से खिलवाड़ अब ज्यादा बरदाश्त नहीं किया जाएगा।

कहा कि जो लोग उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बंद का बहुत प्रभाव न दिखने पर इतरा रहे हैं और इसे अलग तरीके से परिभाषित कर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें बहुत जल्द सच्चाई का एहसास हो जाएगा।

यह भी कहा कि अगड़े व पिछड़े कभी दलितों के मान-सम्मान के विरोधी नहीं रहे। पर, इसका मतलब यह भी नहीं है कि अगड़ों और पिछड़ों को अपमानित और उत्पीड़ित किया जाए। भाजपा ने चेती तो भुगतेगी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें