लखनऊ। उत्तराखंड महापरिषद की ओर से कैंचीधाम मंदिर के 61वें स्थापना दिवस की वर्षगांठ रविवार को कुर्मांचल नगर स्थित मोहन सिंह बिष्ट सभागार में धूमधाम से मनाई गई। भजन संध्या में श्रद्धालुओं ने बाबा नीब करौरी महाराज को नमन किया। इस दौरान विधि-विधान से पूजन-अर्चन के साथ भक्तों में महाप्रसाद का वितरण किया गया। विधायक ओपी श्रीवास्तव ने भजन संध्या का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।
उत्तराखंड महापरिषद के पदाधिकारियों ने बाबा नीब करौरी महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर आशीष प्राप्त किया। विधायक ओपी श्रीवास्तव ने कहा कि कैचीधाम मंदिर का स्थापना दिवस केवल ईंट-पत्थर की नींव का स्मरण नहीं, बल्कि उस दिव्य चेतना और संकल्प का प्रतीक है जिसने अनगिनत लोगों के जीवन को आध्यात्मिक शांति, दिशा और चमत्कारी अनुभवों से समृद्ध किया है।
इस दौरान संयोजक दीवान सिंह अधिकारी, अध्यक्ष हरीशचंद्र पंत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंगल सिंह रावत, महासचिव भरत सिंह बिष्ट, पूरन चंद्र जोशी, सुरेश पांडेय, महेंद्र सिंह गैलाकोटी, केएस चुफाल, भुवन पटवाल और भुवन पाठक आदि मौजूद रहे।
गायिका डॉ. अनु अन्नपूर्णा ने भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। मुझे कैची में बुलाया, ये कर्म नहीं तो क्या है..., देना है तो दीजिए जनम-जनम का साथ... जैसे भजनों की प्रस्तुति दी। कमला चुफाल, विद्या पांडेय, मंजू पांडेय, हरितिमा पंत, अपर्णा सिंह, रुपाली, रंजना जोशी, सोनाली सिंह, अंकिता ठाकुर, पूनम कनवाल, शशि जोशी, रवींद्र देवतौला, गिरीश चंद्र बहुगुणा और हेमा अधिकारी ने भी भजन संध्या में भाग लिया। संचालन पूनम कनवाल ने किया।