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Lucknow News: बाजार से बेहतर दाम, झटपट भुगतान... सरकारी केंद्रों पर उमड़े किसान

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सीतापुर रोड स्थित मंडी समिति के केंद्र में लाया गया गेहूं।
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लखनऊ। इस बार गेहूं खरीद का ट्रेंड बदला नजर आ रहा है। पहले किसान खुले बाजार की ओर रुख करते थे, मगर अब सरकारी क्रय केंद्र उनकी पहली पसंद बन रहे हैं। वजह यह है कि खुले बाजार से अधिक समर्थन मूल्य का मिलना और भुगतान भी महज 24 से 48 घंटे के भीतर होना।
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फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता खत्म होते ही खरीद ने रफ्तार पकड़ ली है। अब तक करीब 240 किसानों से 9,500 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर संकेत दे रही है। सीतापुर रोड स्थित मंडी समिति के क्रय केंद्र पर भी हलचल बढ़ गई है। यहां 10 किसानों से 350 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। केंद्र प्रभारी डॉ. प्रियंका बताती हैं कि पहले कागजी प्रक्रिया में किसान उलझ जाते थे, अब सीधी खरीद से उनका भरोसा बढ़ा है।
कठवारा के अजय प्रताप सिंह कहते हैं कि सरकारी केंद्र पर फसल बेचने में अब झंझट नहीं रहा, दाम भी बेहतर मिल रहा है। सरसावा के किसान नैपाली 20 क्विंटल गेहूं लेकर पहुंचे। उनका कहना है कि यहां 2,605 रुपये प्रति क्विंटल दाम मिल रहा है। पैसा भी जल्दी खाते में आ जाता है, जबकि बाजार में भाव 2,300 के आसपास है।
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कठवारा की लल्ली भी 20 क्विंटल गेहूं लेकर केंद्र पहुंचीं। बोलीं-पहले गांव में पहुंचे आढ़ती को बेचने जा रही थीं, लेकिन भाव कम मिलने के कारण वह सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने आई हैं। कमोबेश यही स्थिति जिले भर के सभी क्रय केंद्रों की है।

सरोजनीनगर में 198 क्विंटल हुई गेहूं खरीद
सरोजनीनगर में साधन सहकारी साधन समिति बंथरा के गेहूं क्रय केंद्र इंचार्ज सुरेंद्र ने बताया कि अभी तक 198 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। बरसात के कारण गेहूं कटाई कुछ देरी से होने के कारण अभी कम किसान ही पहुंच रहे हैं। मंगलवार को यहां 29 क्विंटल गेहूं खरीदा जा सका।

नगराम क्षेत्र में सत्यापन में देरी, बोरी की कमी से सुस्त पड़ी खरीद
नगराम क्षेत्र के इस्माइलनगर, नगराम दक्षिण, गढ़ा, कांटा सलेमपुर, देवती, समेसी सहित कई स्थानों पर पीसीएफ के खरीद केंद्र खोले गए हैं। किसान बिसुनखेड़ा निवासी संतोष कुमार ने बताया कि गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण फाॅर्म जमा किया है, लेकिन सत्यापन अब तक लंबित है। बचनखेड़ा के प्रह्लाद, सिंघई के पुरवा के किसान शिवकुमार वर्मा, हरदोइया की सुमित्रा देवी, अकरहदू के शीतला दीन और सिरौना की निशा सिंह समेत कई किसानों के पंजीकरण फाॅर्म तहसील स्तर पर सत्यापन के लिए लंबित पड़े हैं। नगराम दक्षिण केंद्र के करीब 11 किसानों के सत्यापन लंबित हैं। देवती केंद्र के प्रभारी सतीश के अनुसार, उनके यहां भी पांच मामलों में भूमि सत्यापन बाकी है, जिससे खरीद कार्य प्रभावित हो रहा है। नगराम दक्षिण केंद्र प्रभारी फूलचंद ने बताया कि उनके केंद्र पर करीब एक हजार बोरों की जरूरत है, जबकि देवती केंद्र पर 1,500 बोरों की आवश्यकता है, जिसकी डिमांड भेजी गई है।
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