प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू।
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने संसद में बगैर बहस कराए, बिना मत विभाजन स्वीकार किए तानाशाहीपूर्ण तरीके से कृषि संबंधी तीन विधेयक पारित करने को किसानों के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात बताया है। उन्होंने कहा कि नए कृषि कानूनों में एमएससी का जिक्र न किए जाने और मंडियों को समाप्त करने से किसान पूंजीपतियों की शर्तों पर फसल को बेचने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
अजय कुमार लल्लू बृहस्पतिवार को मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने मांग की कि एक देश-एक समर्थन मूल्य के तहत अनाज, फल, सब्जी की फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होना चाहिए। नए कानून में प्रावधान किया जाए कि किसान की किसी भी उपज की खरीद एमएसपी से नीचे नहीं होगी। नए कानून में कृषि उत्पादों के एमएसपी का जिक्र न होना इस बात की तरफ इशारा करता है कि सरकार ने कृषि व्यवस्था को पूरी तरह से कॉरपोरेट और पूंजीपतियों के हवाले कर दिया है। आवश्यक वस्तु अधिनियम की सूची से अनाज, दाल, खाद्य तेल, आलू, प्याज को बाहर करने से जमाखोरी शुरू हो जाएगी, जिसका खामियाजा देश की बेहाल परेशान जनता को भुगतना पड़ेगा।
केंद्र सरकार के काले कानून से जहां किसान अधिकार विहीन हो जाएंगे, वहीं लाखों लोगों से जुड़ी मंडी परिषद अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। हजारों कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। अजय कुमार लल्लू ने कहा कि नए काले कानून के खिलाफ कांग्रेस 25 सितंबर से 31 अक्टूबर तक व्यापक जनांदोलन चलाएगी। शुक्रवार को सोशल मीडिया के माध्यम से खेती-किसानी पर हुए हमले के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।