शहर में एक लाख से अधिक ऐसे मकान व दुकाने हैं जो कई साल पुरानी हैं, लेकिन इनका गृहकर निर्धारण नहीं है। इनके मालिक मई तक गृहकर निर्धारण करा लेंगे तो इन्हें भी ओटीएस (एकमुश्त समाधान योजना) का लाभ मिलेगा।
कर निर्धारण कराने आने वालों को बाबू और इंस्पेक्टर अपने फायदे के लिए परेशान न करें, इसके लिए नगर आयुक्त ने आदेश कर दिया है कि आवेदन के सात दिन में कर निर्धारण कर दिया जाएगा। जो अधिकारी-कर्मचारी इससे अधिक समय लगाएंगे उन पर कार्रवाई होगी।
यह जानकारी शनिवार को महापौर संयुक्ता भाटिया और नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने नगर निगम मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि नगर निगम के गृहकर रिकॉर्ड में अभी 5.48 लाख संपत्तियां दर्ज हैं, जबकि मकान इससे ज्यादा हैं। अनुमान है कि अभी 20 प्रतिशत मकान गृहकर निर्धारण से छूटे हैं।
इनका गृहकर निर्धारण भी ओटीएस योजना के दौरान करने का लक्ष्य है। इसके लिए सभी जोनल अधिकारियों को कम से कम 15 हजार नए मकानों का कर निर्धारण करने का लक्ष्य दिया है। जिन पुराने मकानों का गृहकर निर्धारण होगा, उन्हें भी ओटीएस योजना का लाभ मिलेगा।
ओटीएस को जारी होगी ‘पीली पर्ची’
महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि ओटीएस का नया मॉडयूल सोमवार को लॉन्च हो जाएगा। इसके बाद इसके दायरे में आने वाली संपत्तियों की ‘पीली पर्ची’ जारी होगी। उसमें पूरा ब्यौरा होगा कि कितना टैक्स है, कितनी छूट मिल रही है और कितना जमा करना है।
रात आठ बजे से लगेंगे कैंप
नगर आयुक्त का कहना है कि ज्यादातर लोग यह कहते हैं कि वह दिन में ऑफिस जाते हैं या दुकान पर रहते हैं। इस कारण वे कैंपों में नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे में वे बाजार, कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, अपार्टमेंट या बड़ी कॉलोनी जहां अधिक बकायेदार होंगे, वहां रात आठ से 11 बजे तक ओटीएस के कैंप लगाए जाएंगे।
सही किया जाएगा गलत कर निर्धारण
नगर आयुक्त ने कहा यदि किसी को लगता है कि उसकी संपत्ति का गृहकर निर्धारण गलत किया है तो उसे ठीक किया जाएगा। हालांकि इसकी आड़ में कोई मिलीभगत कर संपत्ति का गृहकर का वार्षिक मूल्यांकन कम नहीं करा सकेगा।
यह भी होगा
हर जोन में लाउड स्पीकर से ओटीएस का प्रचार कराया जाएगा। हर जोन में एक गृहकर कैश काउंटर बढ़ाया जाएगा। नगर निगम के अलावा ई-सुविधा केंद्र, मेट्रो स्टेशन, एचडीएफसी, एक्सिस और आईसीआईसीआई बैंक व निगम की साइट से ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है।
ऐसे मिलेगा ओटीएस का लाभ
सभी प्रकार के आवासीय भवन - पूरा ब्याज माफ और 30 अप्रैल तक बकाया टैक्स जमा करने पर 20 प्रतिशत की छूट। इसके बाद 31 मई तक जमा करने पर 10 प्रतिशत की छूट। दुकान 200 वर्ग फीट तक (मॉल और प्लाजा की एसी वाली दुकानें छोड़कर)- पूरा ब्याज माफ और 30 अप्रैल तक बकाया टैक्स जमा करने पर 20 और उसके बाद 31 मई तक जमा करने पर 10 प्रतिशत की छूट। शिक्षण संस्थानों से संबद्ध छात्रावास और शैक्षणिक संस्थान- पूरा ब्याज माफ और 30 अप्रैल तक बकाया टैक्स जमा करने पर 20 और उसके बाद 31 मई तक जमा करने पर 10 फीसदी छूट। सरकारी व अर्द्धसरकारी कार्यालय - पूरा ब्याज माफ और योजना लागू होने की तिथि से छह महीने में भुगतान की छूट। बकाये पर किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी।
इन शर्तों के तहत मिलेगा ओटीएस का लाभ
कुल बकाया राशि का भुगतान एकमुश्त निश्चित समय के अंदर करना होगा। योजना लागू होने से पहले किए गए भुगतान का कोई समायोजन नहीं होगा।
आंशिक भुगतान की स्थिति में अवशेष राशि पर ही योजना का लाभ मिलेगा। निजी छात्रावासों को ओटीएस का लाभ नहीं दिया जाएगा। ओटीएस के तहत अन्य किसी तरह की छूट का लाभ नहीं दिया जाएगा।
कम होगा भ्रष्टाचार
महापौर संयुक्ता भाटिया ने बताया कि शहरवासियों को गृहकर के झंझट से राहत दिलाने को ओटीएस योजन लागू कराने के लिए बहुत प्रयास किया गया है। इससे भ्रष्टाचार भी कम होगा। ब्याज के साथ बकाये पर भी 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी।