केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा कि 84 कोसी परिक्रमा एक नाटक है। यह भाजपा व सपा दोनों के बीच की केवल नूराकुश्ती भर है। परिक्रमा पूरी तरह फ्लाप हो गई है।
जनता के सामने दोनों ही पार्टियों की पोल खुल गई है। अब लोक सभा चुनाव में इसका सीधा फायदा कांग्रेस को मिलेगा। कांग्रेस व आरएलडी गठबंधन को इस बार 50 से अधिक सीटें मिलेंगी।
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अपने आवास पर रविवार को पत्रकार वार्ता में बेनी वर्मा ने कहा कि वह खुद फैजाबाद, गोंडा, करनैलगंज व बाराबंकी से लौटकर आए हैं।
सभी जगह दोनों ही समुदाय इसे भाजपा व सपा की मिलीभगत मान रहे हैं। चुनाव नजदीक आते ही यूपी में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश की जाती है।
यहां आर्थिक, सामाजिक व विकास की नीतियों को लेकर सपा व भाजपा चुनाव में नहीं उतरतीं ? दोनों समुदायों के बीच दूरियां पैदा करके दोनों दल चुनावी फायदा उठाना चाहते हैं।
बेनी ने कहा, मिलीजुली कुश्ती 30 अक्तूबर 1990 से चल रही है। अगर उस समय यूपी सरकार की चली होती तो उसी दिन बाबरी मस्जिद शहीद हो जाती। उस समय वहां के एसपी को साफ निर्देश थे कि गोली नहीं चलेगी लेकिन जब बाबरी मस्जिद में लोग घुस गए तो उसने अपने विवेक से फायरिंग करवा दी।
दो नवंबर को जब कर्फ्यू में ढील दी गई तो धर्मशालाओं व होटलों में रुके हुए बाहर से आए तीर्थयात्री हनुमान गढ़ी में प्रसाद चढ़ाने के लिए जाने लगे। उसी समय यह देखकर कि इनमें कोई यूपी का तो नहीं है उन्हें गोलियों से भून दिया गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि यूपी में कांग्रेस का सफाया हो जाए और मुख्य लड़ाई सपा व भाजपा के बीच सिमट कर रह जाए।
सपा पहले विहिप नेताओं से बंद कमरे में बात करती है। इसके बाद यह पूरा नाटक खेला जाता है। अगर प्रदेश सरकार इतनी सतर्क थी तो प्रवीण तोगड़िया आखिर अयोध्या कैसे पहुंच गए?
अशोक सिंघल को दिल्ली में ही गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? लखनऊ से उन्हें स्टेट प्लेन से वापस दिल्ली क्यों नहीं भेजा गया? उन्हें लखनऊ में रोककर क्या सरकार एयरपोर्ट के बाहर हंगामा करवाना चाहती थी? इन प्रश्नों का जवाब प्रदेश की जनता मांग रही है।
अपनों पर भी साधा निशाना
बेनी ने अपनी पार्टी के नेताओं पर भी निशाना साधा और कहा, कांग्रेस के लोग भी गोल-मोल बयान दे रहे हैं। खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कहते हैं, लगता है कि सपा का ग्राफ गिर रहा है।
इसमें इनका भी हाथ है। रीता बहुगुणा जोशी भी सपा पर कुछ नहीं बोल रही हैं। इसी नाते उन्हें बोलने के लिए मीडिया के सामने खुद आना पड़ा।
राहुल गांधी ही बनेंगे पीएम
इस्पात मंत्री ने कहा, इस बार केंद्र में यूपीए-3 की ही सरकार बनेगी। अगर उनकी इच्छा पूरी हुई तो राहुल गांधी ही प्रधानमंत्री बनेंगे। उप्र में जहां-जहां इनकी यात्रा हो रही है वहां-वहां कांग्रेस के ही उम्मीदवार जीतेंगे।
केवल जो अभागा होगा वही हारेगा। इसके लिए यूपी में वह खुद भी मेहनत करेंगे और राहुल से भी कराएंगे। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा, अभी तक कांग्रेस को कांग्रेसियों ने ही हराया है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।