केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने एक बार फिर विवादित बयान देते हुए मुजफ्फरनगर दंगों पर राजनीति शुरू कर दी है।
बेनी ने आरोप लगाया है कि मुजफ्फरनगर में दंगा करने वाले गुजरात से आए थे।
बेनी ने कहा कि खुद मुजफ्फरनगर के लोग यह कह रहे हैं कि दंगा करने वाले उनके गांव के नहीं थे। वे बाहर से आए थे।
सपा व भाजपा राजनीति कर रहे
प्रदेश में सपा व भाजपा मिलकर वोटों की राजनीति कर रहे हैं। यही वजह है कि खुद मुलायम सिंह यादव भाजपा की खुले मंच से तारीफ कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि भाजपा के लोग अनुशासन में रहते हैं इसलिए चुनाव जीतते हैं। बेनी बुधवार को अपने लखनऊ स्थित आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे।
उन्होंने मुलायम सिंह यादव के उस बयान की भी तीखी निंदा की जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘मुजफ्फरनगर के राहत शिविरों में षड्यंत्रकारी रह रहे हैं। यह षड्यंत्रकारी भाजपा व कांग्रेस के लोग हैं।’
बेनी ने कहा कि सपा व भाजपा का गठजोड़ चल रहा है। आने वाले कुछ समय में यह गठबंधन जनता के सामने आ जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक ओर मुजफ्फरनगर के शिविरों में इंतजाम न होने के कारण मासूम बच्चों की मौत हो रही है तो दूसरी ओर सरकार सैफई महोत्सव मनाने जा रही है। इसमें विदेशों से डांसर बुलाए जा रहे हैं।
नेल्सन मंडेला के निधन पर सोनिया गांधी ने अपना जन्मदिन नहीं मनाया, लेकिन सपा महोत्सव मनाने जा रही है।
अब 10 करोड़ देंगे सीएम कोष में
मुजफ्फरनगर में स्टील के पांच कैंप बनाने की घोषणा के दो दिन बाद ही बेनी प्रसाद वर्मा ने अपना पैतरा बदल लिया। उन्होंने कहा कि कैंपों को लेकर अब तक कई पीआईएल दाखिल हो चुकी हैं। इसलिए वे अपने विभाग के अधिकारियों को इस मसले पर मुसीबत में नहीं डालना चाहते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे 10 करोड़ रुपये सीएम राहत कोष में देने जा रहे हैं। इन रुपयों से मुजफ्फरनगर के पीडि़तों को अच्छी सुविधाएं देने के लिए सरकार से कहेंगे।