सीटीईटी : किसी ने गमले के पीछे रखा बैग, तो कोई ग्रिल से बांध कर गया परीक्षा देने
केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) 2019 में शामिल होने आए अभ्यर्थियों की बारिश ने भी परीक्षा ली। वहीं पर्स, मोबाइल आदि सामान जमा कराने के लिए भी छात्रों को परीक्षा से पहले खूब दौड़ लगानी पड़ी। ज्यादातर स्कूलों ने अभ्यर्थियों का सामान जमा करने की कोई व्यवस्था नहीं की थी। ऐसे में आसपास के दुकानदारों ने सामान जमा करने के नाम पर मनमानी वसूली की। ऐसे में कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा भी छोड़ दी। परीक्षा शुरू होने से पहले सभी केंद्रों पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि सीबीएसई ने छोटी-छोटी चीजों जैसे घड़ी, पर्स, बेल्ट, जियोमेट्री बॉक्स, पानी की बोतल आदि लाने पर भी रोक लगाई थी।
पहली पाली में सीटेट की परीक्षा सुबह 9:30 से 12:00 बजे तक हुई। अभ्यर्थियों को सुबह 8 बजे ही बुला लिया गया था। जैसे ही परीक्षा केंद्र का गेट खुला अभ्यर्थी अंदर प्रवेश करने का प्रयास करने लगे। लेकिन व्यवस्था में लगे कर्मचारियों ने उन्हें वापस करना शुरू कर दिया। उन्होंने अभ्यर्थियों को हाथ में सिर्फ एडमिट कार्ड, आईडी और दो पेन लेकर आने के निर्देश दिए। इसके बाद तमाम अभ्यर्थी अपना पर्स, घड़ी, पानी की बोतल, जियोमेट्री बॉक्स, मोबाइल, बेल्ट, चश्मा आदि जमा करने के लिए इधर-उधर भटकने लगे।
स्कूलों के अगल-बगल स्थित छोटे दुकानदारों ने सामान जमा करने के लिए अपने यहां काउंटर खोल दिए। देखते ही देखते यहां अभ्यर्थियों का हुजूम उमड़ पड़ा। मोबाइल, पर्स, बैग तो दूर महज बेल्ट जमा करने के लिए भी दुकानदारों ने अभ्यर्थियों से 20-20 रुपये वसूले। पारा स्थित अवध कॉलेजिएट में अभ्यर्थी तबस्सुम ने इसी वजह से परीक्षा छोड़ दी। वह अपना मोबाइल और बैग कहीं औैर जमा नहीं करना चाहती थी। इसको लेकर अभ्यर्थियों में गुस्सा भी था।
पंद्रह मिनट लेट मिला पेपर, हंगामा
गोमती नगर स्थित सेंट स्टीफंस कॉलेज में अभ्यर्थियों ने सुबह की पाली में पंद्रह मिनट लेट पेपर मिलने का आरोप लगाया। अभ्यर्थियों ने बताया कि जब पेपर मिलने में लेट होने लगा तो वे हंगामा करने लगे। ड्यूटी पर लगे शिक्षकों के पास इसका कोई जवाब नहीं था।
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि पंद्रह मिनट बाद पेपर मिला, लेकिन बाद में अतिरिक्त समय भी नहीं दिया। सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. जावेद आलम खान ने बताया कि किसी भी सेंटर से पेपर लेट मिलने की सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
बारिश के चलते छोड़ी परीक्षा
दसूरी पाली में परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से 4:30 बजे तक हुई। अभ्यर्थियों को प्रवेश के लिए 12:30 बजे बुलाया गया था। इस दौरान भी अभ्यर्थी अपना सामान जमा कराने के लिए भटकते रहे। वहीं बारिश ने भी उनकी परीक्षा ली। चेकिंग के दौरान भारी बारिश शुरू हो गई, लेकिन इस दौरान अभ्यर्थियों को अंदर नहीं जाने दिया गया। फटाफट चेकिंग कर उनको अंदर जाने दिया गया। अभ्यर्थियों ने बताया कि बारिश की वजह से कई अभ्यर्थी बैरंग लौट गए। परीक्षा छूटने के दौरान भी बारिश हो रही थी।
पहले पेपर ने दी राहत तो दूसरे ने बढ़ाई टेंशन
सीटेट का पहला पेपर कक्षा एक से पांच तक के लिए और दूसरा पेपर कक्षा छह से आठ तक के लिए था। अभ्यर्थियों ने बताया कि पहला पेपर पिछले वर्षों की भांति ज्यादा कठिन नहीं था। वहीं दूसरे पेपर में पूछे गए कठिन प्रश्नों ने अभ्यर्थियों के पसीने छुड़ा दिए। बससे ज्यादा अभ्यर्थी पहले पेपर में सम्मिलित हुए। अभ्यर्थियों ने बताया कि अंग्रेजी और हिंदी के प्रश्न आसान थे। जबकि बाल विकास, गणित और पर्यावरण विषय के प्रश्न अभ्यर्थियों को ज्यादा कठिन लगे। सबसे ज्यादा प्रश्न बाल विकास और शिक्षा क्षेत्र से पूछे गए थे। अभ्यर्थियों के अनुसार बाल विकास विषय से करीब 25 प्रश्न, गणित से करीब 20 प्रश्न, पर्यावरण से करीब 20 प्रश्न कठिन पूछे गए थे। गणित एलिमेंट्री लेवल की थी, लेकिन इसमें में भी बाल विकास से संबंधित प्रश्न पूछे गए थे।