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स्वास्थ्य विभाग लाचार: लखनऊ में 47 हजार से ज्यादा कोरोना के सक्रिय मामले और बेड सिर्फ 4918

Mon, 19 Apr 2021 12:14 PM IST
ishwar ashish चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ

सार

प्रदेश में मरीजों की संख्या के मामले में लखनऊ सबसे ऊपर है। यहां एक दिन में औसतन साढ़े पांच हजार मरीज मिल रहे हैं। हालत यह है कि सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों को जगह नहीं मिल पा रही है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में बढ़ते एक्टिव केस स्वास्थ्य विभाग की हर रणनीति फेल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद 30 मार्च के मुकाबले 18 अप्रैल तक 6.85 गुना बेड बढ़े हैं, लेकिन इसी अवधि में एक्टिव केस की संख्या 15.29 गुना बढ़ गई है। वर्तमान में तैयार बेडों की कुल संख्या 4918 है, जबकि एक्टिव केस 9.69 गुना यानी 47700 है।

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प्रदेश में मरीजों की संख्या के मामले में लखनऊ सबसे ऊपर है। यहां एक दिन में औसतन साढ़े पांच हजार मरीज मिल रहे हैं। हालत यह है कि सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों को जगह नहीं मिल पा रही है। बड़ी संख्या में लोग होम आइसोलेशन में हैं। बिगड़े हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर सप्ताह भर के अंदर 5000 से अधिक अतिरिक्त बेड के इंतजाम की रणनीति बनाई गई। लेकिन सात अप्रैल से 18 अप्रैल तक कुल 2693 बेड ही बढ़ सके हैं, जबकि इसी समय में 38848 एक्टिव केस बढ़े हैं।

30 मार्च से 18 अप्रैल के बीच बढ़े बेड
1887 आइसोलेशन बेड
1537  एचडीयू बेड
775   आईसीयू
4207 कुल बेड बढ़े

मुख्यमंत्री ने सप्ताह भर का दिया था समय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सप्ताह भर में केजीएमयू और बलरामपुर में 4000 बेड बढ़ाने का निर्देश दिया था। इसी तरह अन्य अस्पतालों को मिलाकर करीब 2000 और डीआरडीओ की ओर से 1000 बेड बढ़ाने का दावा किया गया था। इसके बाद भी अभी तक केजीएमयू, पीजीआई, लोहिया संस्थान, एरा मेडिकल कॉलेज सहित अन्य अस्पतालों में पर्याप्त बेड की संख्या बढ़ाई नहीं जा सकी है। सिर्फ  कागजी दावे किए जा रहे हैं।

मैन पावर बनी समस्या
चिकित्सा संस्थानों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शासन की ओर से बेड बढ़ाने का निर्देश दे दिया गया है, लेकिन मैन पावर की कमी से वे खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। बड़ी संख्या में चिकित्सा संस्थानों के कर्मचारी पॉजिटिव हो गए हैं। ऐसे में उनसे ड्यूटी नहीं ली जा सकती। आपात स्थिति में बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए मैन पावर लेने का भी निर्देश दिया गया है, लेकिन संस्थानों को प्रशिक्षित मैन पावर नहीं मिल पा रही है। इस वजह से बेडों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है।

सिलसिले वार बढ़े बेड व एक्टिव मरीज

30 मार्च की स्थिति
आइसोलेशन बेड 347,  एचडीयू 184, आईसीयू 188, कुल बेड 717,  भर्ती मरीज  438, एक्टिव केस 2919

07 अप्रैल
आइसोलेशन बेड 1121, एचडीयू  629, आईसीयू  475, कुल बेड 2225, भर्ती मरीज 1356, एक्टिव केस 8852

12 अप्रैल
आइसोलेशन बेड 1324, एचडीयू  736, आईसीयू 537,  कुल बेड 2597, भर्ती मरीज 1949, एक्टिव केस 23020

18 अप्रैल
आइसोलेशन बेड 2934, एचडीयू  1721, एआईसीयू 963, कुल बेड 4918, भर्ती मरीज 3493, एक्टिव केस 47700 (स्वास्थ्य विभाग की ओर से बनाए गए भर्ती चार्ट के अनुसार)
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अगले सप्ताह तक होंगे पर्याप्त बेड

महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ डी एस नेगी का कहना है कि बेड की स्थिति और अस्पतालों में नए बेड बढ़ाने को लेकर प्रतिदिन रणनीति बनाई जा रही है। कई निजी अस्पतालों को भी शामिल कर लिया गया है। कुछ में भर्ती शुरू हो गई है। चिकित्सा संस्थान भी लगातार बेडों की संख्या चरणबद्ध तरीके से बढ़ा रहे हैं। मैन पावर की समस्या दूर करने का प्रयास हो रहा है। अगले सप्ताह तक पर्याप्त बेड हो जाएंगे।

लेवल-थ्री चिकित्सा संस्थानों की स्थिति
संस्थान -- कुल बेड -- आईसीयू
एसजीपीजीआई -- 304 -- 102
केजीएमयू -- 520  -- 427
लोहिया संस्थान  -- 200 -- 30
एरा कॉलेज -- 350 -- 35
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