साइबर क्राइम एसीपी ने बताया कि साइबर ठग एटीएम, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड की क्लोनिंग के लिए एटीएम में स्किमर लगा देते हैं। जैसे ही आप कार्ड मशीन में स्वाइप करते हैं, आपके कार्ड की सारी डिटेल इस मशीन में कॉपी हो जाती है। इसके बाद ठग आपके कार्ड की सारी डिटेल कंप्यूटर या अन्य तरीकों के जरिए खाली कार्ड में डालकर कार्ड क्लोन तैयार कर लेते हैं।
क्लोनिंग से बचने के उपाय
- एटीएम में कार्ड डालने वाला स्लॉट थोड़ा ढीला लगता है तो कार्ड न स्वाइप कराएं।
- इस स्लॉट के पास लगी लाइट न जल रही हो तो ऐसे एटीएम से पैसे न निकालें।
- जब भी आप पासवर्ड डालें तो अपने हाथों से की पैड ढक लें, ताकि ठग हिडन कैमरे से आपका पासवर्ड न देख सके। यदि आपको एटीएम का की पैड जरा सा भी ढीला लग रहा है तो एटीएम का इस्तेमाल न करें।
ये भी हुए क्लोनिंग के शिकार
- चौक के पाटानाला निवासी चांद बाबू का बचत खाता बैंक ऑफ महाराष्ट्र में है। तीन जून को जालसाज ने कार्ड का क्लोन बनाकर खाते से 2,999 रुपये निकाल लिए। बैंक में शिकायत के बाद पीड़ित ने चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
- चौक थाना क्षेत्र के अशर्फाबाद निवासी शिखा सक्सेना का बचत खाता एसबीआई में है। बीते 13 मई को जालसाज ने कार्ड की क्लोनिंग कर खाते से 15,193 रुपये निकाल लिए। तीन जून को बिल मिलने पर पीड़िता को जानकारी हुई। मंगलवार को रिपोर्ट दर्ज कराई।
- कृष्णानगर निवासी चंदन कुमार के एटीएम कार्ड का क्लोन बना कर आठ हजार और डालीगंज निवासी अंजनी कुमार अग्रवाल के खाते से दस हजार रुपये ठगों ने निकाल लिए।