सुरौली पांडेयपुर गांव में दो पक्षों के बीच भूमि विवाद की पंचायत के दौरान जब एक पक्ष ने बीडीसी सदस्य पर ताबड़तोड़ फायरिंग की तो वहां मौजूद दरोगा जान बचाकर भागे। दरअसल थानाध्यक्ष ने ही बीडीसी सदस्य के साथ हलका दरोगा संजय प्रसाद और एक सिपाही को मौके पर भेजा था। लेकिन मोर्चा लेने के बजाए पुलिस वालों ने मैदान छोड़ दिया।
हत्या की सूचना के बाद जिला अस्पताल पहुंचे एएसपी शिवराज पीड़ित परिवार से पूछताछ कर रहे थे। तभी देव नारायण पक्ष से उनके बेटे विक्की और राजेश भी लहूलुहान हालत में पहुंच गये। दोनों को देखते ही बीडीसी सदस्य के समर्थकों ने दोनों पर हमला कर दिया।
लोगों का आरोप था कि जब देव नारायण पक्ष की ओर से फायरिंग की गई और बीडीसी की हत्या कर दी गई तो दूसरा पक्ष क्रॉस केस दर्ज कराने के लिए फर्जी अस्पताल पहुंचा है। एएसपी ने दोनों पक्षों को एक दूसरे से अलग करते हुए किसी तरह से मामला शांत कराया। दूसरी तरफ एसपी हिमांशु कुमार ने घटना स्थल का निरीक्षण कर हर हाल में आरोपियों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है।