संक्रामक रोग नियंत्रण यूनिट के प्रभारी डॉ. हिमांशु बताते हैं कि ट्रायल में 170 लोगों को शामिल किया जा रहा है। इन्हें तीन ग्रुप में बांटा गया है। ट्रायल में शामिल होने वालों की उम्र 18 वर्ष से अधिक होगी और वह किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित नहीं होगा। पहले ग्रुप में कोरोना मरीजों के सीधे संपर्क में आए लोग, दूसरे ग्रुप में कम संपर्क में आए और तीसरे ग्रुप में स्वास्थ्य कर्मियों को रखा गया है।
सभी की ली जाएगी सहमति
ट्रायल के लिए सभी की सहमति ली जाएगी। उनकी काउंसलिंग की जाएगी। इसके बाद टीका लगाया जाएगा। इस दौरान देखा जाएगा कि जिन लोगों को टीका लगा, उन पर कोरोना वायरस का असर कितना हुआ। इसका विस्तृत अध्ययन कर नतीजे को ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को भेजा जाएगा।