रक्षा और उद्यमिता में भी एमबीए कराएगा बीबीएयू
लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) से रक्षा अध्ययन के साथ ही उद्यमिता में प्रबंधन की विशेषज्ञता हासिल की जा सकती है। विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025-26 से इसके लिए एमबीए में रक्षा अध्ययन एवं सामरिक प्रबंधन (डीएसएसएम) और नवाचार, उद्यमिता और उद्यम विकास (आईईवीडी) की विशेषज्ञता शुरू की गई है।
विवि के डीन प्रो. कुशेंद्र मिश्रा के मुताबिक रक्षा और उद्यमिता दोनों ही ऐसे क्षेत्र हैं जहां तेजी से विकास हो रहा है। लखनऊ में ब्रम्होस का निर्माण हो रहा है। नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए तमाम प्रयास हो रहे हैं। इनको देखते हुए रक्षा अध्ययन के साथ ही उद्यमिता में प्रबंधन की विशेषज्ञता देने की पहल की जा रही है। विवि के प्रबंधन विभाग में अभी तक वित्त, मार्केटिंग, मानव संसाधन और ग्रामीण प्रबंधन की विशेषज्ञता दी जा रही थी। अब रक्षा अध्ययन एवं सामरिक प्रबंधन और नवाचार, उद्यमिता और उद्यम विकास की विशेषज्ञता शुरू की जा रही है। इनके दाखिले 2025-26 सत्र से शुरू हो जाएंगे।
सीयूईटी के माध्यम से प्रवेश
बीबीएयू में एमबीए के दाखिले पूरी तरह से काॅमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के माध्यम से होंगे। बीते साल तक विश्वविद्यालय कैट के स्कोर के आधार पर दाखिले लेता था। पर्याप्त संख्या में कैट स्कोर वाले अभ्यर्थियों के न मिलने से अब इसमें बदलाव किया गया है। अब एमबीए के दाखिले सिर्फ सीयूईटी की मेरिट के आधार पर ही होंगे।
अब 90 सीटों पर ही दाखिले
बीबीएयू के प्रबंधन विभाग ने एमबीए की सीटों में भी कटाैती कर दी है। बीते साल तक एमबीए की 120 सीट पर दाखिले होते थे। इस साल से सीट संख्या 90 कर दी गई है। पहले साल सभी विद्यार्थियों की काॅमन पढ़ाई होगी। जबकि दूसरे साल में विशेषज्ञता के हिसाब से उनका बंटवारा होगा।