लखनऊ। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन हॉस्टल की सुविधा उस रफ्तार से नहीं बढ़ी। करीब सात हजार विद्यार्थियों वाले विश्वविद्यालय में सिर्फ 11 हॉस्टल हैं। इनमें कुल 1748 विद्यार्थियों के रहने की क्षमता है। यानी विश्वविद्यालय के करीब चार विद्यार्थियों के हिस्से में हॉस्टल का एक बेड ही उपलब्ध है। बीबीएयू मेें सबसे बड़ी चिंता उन चार हजार से अधिक विद्यार्थियों की है, जो लखनऊ से बाहर के हैं और पढ़ाई के लिए शहर में रह रहे हैं। इनमें से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों कों हॉस्टल नहीं मिल पाता। ऐसे छात्र-छात्राओं को परिसर के आसपास पीजी या किराये के कमरों का सहारा लेना पड़ता है। इससे पढ़ाई के खर्च के साथ रहने का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ रहा है। बीबीएयू के 11 हॉस्टलों में पांच लड़कों और छह लड़कियों के लिए हैं। लड़कों के हॉस्टलों में अशोक बॉयज, कनिष्क, सिद्धार्थ, आरसीए और ओबीसी बॉयज हॉस्टल शामिल हैं। इनकी कुल क्षमता 708 है। लड़कियों के लिए यशोधरा, संघमित्रा फेज-1, चित्रलेखा, संघमित्रा फेज-2, ओबीसी गर्ल्स हॉस्टल और सावित्रीबाई फुले गर्ल्स हॉस्टल हैं। इनकी कुल क्षमता 1040 विद्यार्थियों की है। हालत यह है कि रूम शेयरिंग की अनुमति लेकर दो बेड वाले कमरों में से कई में तीन छात्र रह रहे हैं।
कई चरणों में जारी हुईं आवंटन सूचियां
बीबीएयू में नए सत्र में दाखिले की प्रक्रिया के साथ हॉस्टल की मांग भी बढ़ती है। बीबीएयू की वेबसाइट पर 2026-27 सत्र के लिए लड़कों और लड़कियों के हॉस्टल की कई चरणों में आवंटन सूचियां जारी की गई हैं। इससे हॉस्टल की मांग और आवंटन प्रक्रिया पर बने दबाव का अंदाजा लगाया जा सकता है। विश्वविद्यालय की ओर से नए हॉस्टल निर्माण के प्रस्ताव भेजे गए हैं लेकिन अभी इनके लिए राशि मिलने का इंतजार है। जब तक नए भवन तैयार नहीं होते, बाहर से आने वाले विद्यार्थियों के लिए परिसर में रहने की सीमित सुविधा बनी रहेगी।
हॉस्टल संकट एक नजर में
कुल विद्यार्थी - करीब 7,000
कुल हॉस्टल - 11
कुल हॉस्टल क्षमता - 1,748
लड़कों के हॉस्टल - 5 लड़कों की क्षमता - 708
लड़कियों के हॉस्टल - 6 लड़कियों की क्षमता - 1,040
लखनऊ से बाहर के विद्यार्थी - करीब 4,000
रजिस्ट्रार डॉ. अश्विनी सिंह के अनुसार विवि में हॉस्टल की समस्या है जिसके लिए कई योजनाओं के अंतर्गत प्रस्ताव भेजे गए हैं। अभी कहीं से धनराशि नहीं मिली है। विवि में आखिरी बार वर्ष 2024 में राज्य सरकार के सहयोग से साबित्रीबाई फुले गर्ल्स हॉस्टल मिला था। जहां तक एक कमरे में तीन छात्रों के रहने की बात है तो यह तभी संभव होता है जब पहले से रह रहे दो छात्र रूम शेयरिंग की अनुमति दें।