स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के अफसर बने लापरवाह, फैजुल्लागंज में बुखार ने ली मासूम की जान, 15 और बीमार
फैजुल्लागंज में बुखार ने बुधवार रात 11 माह की मासूम बच्ची की जान ले ली, जबकि 15 और लोग बुखार की चपेट में है।
इलाके में स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के अफसरों की लापरवाही के चलते दहशत का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, फैजुल्लागंज हरिओम नगर निवासी ई-रिक्शा चालक रामजी मिश्रा की 11 माह की बेटी दीपाली को मंगलवार को तेज बुखार आया था।
नजदीकी अस्पताल में डॉक्टरों ने डेंगू की आशंका जाहिर की। बुखार के साथ बच्ची को उल्टी हुई। बुधवार शाम को उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी।
तीमारदार पहले उसे नजदीकी अस्पताल ले गए। जहां पर डॉक्टरों ने उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। तीमारदार उसे ट्रॉमा सेंटर ले जाने लगे।
रास्ते में ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। ट्रॉमा कैजुअल्टी में डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
इनका चल रहा बुखार का इलाज
फैजुल्लागंज के हरिओम नगर में राजकुमार, अरुण, सुदामा देवी, अब्दुल कादिर, ऊषा देवी, आकाश, नागेंद्र मिश्रा, शकीला, सुमित, केशव नगर के पंकज वर्मा, मयंक, निशांत, कविता, महक बुखार से ग्रसित हैं। सामाजिक कार्यकर्ता ममता त्रिपाठी का कहना है कि इलाके में डेंगू बुखार का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। कई लोगों की मौत बाद भी अफसरों की नींद नहीं टूट रही है।
550 लोग आ चुके हैं डेंगू की चपेट में
राजधानी में अब तक करीब 550 मामले डेंगू के सामने आ चुके हैं। इसमें 7 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग एक भी मौत न होने की बात कह रहा है।
डेंगू बुखार से निपटने का कर रहे इंतजाम
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि डेंगू बुखार से निपटने के लिए हर कोशिश की जा रही है। लोगों के घर के आसपास एंटीलार्वा के छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए हैं।