जेल में बंद बावरिया गिरोह के शातिर अपराधी पेशी पर लाए जाने के दौरान कचहरी के लॉकअप में भिड़ गए। अफरातफरी के बीच जैसे-तैसे पुलिसकर्मियों ने हालात संभाले। मारपीट में दो बंदी घायल हो गए। एक जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने गंभीर रूप से घायल बंदी की ओर से केस दर्ज किया है।
लुटेरों के कुख्यात बावरिया गिरोह के सदस्य जिला जेल में निरुद्ध हैं। लूट के मामलों में बंद इटावा जिले के निवासी सिंधबाज और नुमाइश को बुधवार को जेल से अन्य बंदियों के साथ पेशी पर लाया गया था।
बंदियों को न्यायालय परिसर में बने लॉकअप में रखा गया था। जिसके अंदर और बाहर पुलिस तैनात रहती है। लॉकअप में ही अचानक सिंघबाज और नुमाइश में किसी बात को लेकर बहस होने लगी। देखते ही देखते दोनों भिड़ गए। सूत्रों के अनुसार एक दूसरे को दीवार से लड़ाने लगे। इसे लेकर अफरातफरी मच गई। मारपीट में सिंधबाज के हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट आ गई। जबकि नुमाइश को हल्की चोट लगी।
पुलिसकर्मियों ने जैसे तैसे दोनों को अलग कराया। घायल सिंधबाज को जिला अस्पताल ले जाया गया। शहर कोतवाल अजय त्रिपाठी ने बताया कि सिंधबाज की तहरीर पर शहर कोतवाली में बंदी नुमाइश पर केस दर्ज किया गया है। उधर, जेल अधीक्षक कुंदन कुमार मिश्रा ने बताया कि दोनों बंदी रिश्ते में मामा भांजे लगते हैं। दोनों एक ही गैंग के है। इनको अलग-अलग बैरक में रखा गया है।
दिन में करतब दिखाकर रात में करते थे लूट
बीते छह नवंबर 2021 को बावरिया गिरोह के शातिर अपराधियों आसिफ उर्फ विक्की, सलमान उर्फ राजू, सिंधबाज, नुमाइश व सोधिन उर्फ चिंटू को पुलिस ने जेल भेजा था। इन पर देवा के मुजीबपुर गांव में वृद्धा की हत्या कर डकैती की घटना को अंजाम देने का आरोप था। ये गिरोह दिन में गांवों में घूमकर करतब और तमाशा दिखाकर रेकी करता था और रात में लूटपाट की घटना को अंजाम देता था।