लखनऊ। तेलीबाग स्थित राम भरोसे मैकूलाल इंटर कॉलेज में कार्यवाहक प्रधानाचार्य के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों को लेकर चल रहा विवाद अब माध्यमिक शिक्षा निदेशक के दरबार तक पहुंच गया है। कार्यवाहक प्रधानाचार्य राम चंद्र ने निदेशक प्रताप सिंह बघेल से शिकायत कर तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) के उस आदेश को निरस्त करने की मांग की है, जिसके बाद विद्यालय में प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों को लेकर विवाद गहरा गया है।
राम चंद्र का कहना है कि वह एक अप्रैल 2022 से कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में विद्यालय का संचालन कर रहे हैं। उनके हस्ताक्षरों से ही विद्यालय का प्रशासनिक कामकाज और कर्मचारियों के वेतन का आहरण होता रहा है। आरोप है कि तत्कालीन डीआईओएस ने 25 मई 2026 को वरिष्ठता नियमों की अनदेखी करते हुए एक कनिष्ठ शिक्षक के हस्ताक्षरों को वित्तीय मान्यता दे दी। उनका कहना है कि यह आदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम-1921 और उच्च न्यायालय के निर्णयों के विपरीत है, जिसके कारण विद्यालय में वेतन आहरण और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
राम चंद्र ने यह भी बताया कि विद्यालय प्रबंधक की ओर से उनके निलंबन के तीन प्रस्ताव भेजे गए थे, जिन्हें डीआईओएस ने अस्वीकार कर दिया था। सेवा समाप्ति का प्रस्ताव भी 23 फरवरी 2026 को खारिज कर दिया गया। वर्तमान डीआईओएस ने 14 जुलाई को स्पष्ट किया कि राम चंद्र न तो निलंबित हैं और न ही बर्खास्त।
इसके बाद विद्यालय प्रबंधक ने उच्च न्यायालय में याचिका संख्या 2848/2026 दाखिल की। उच्च न्यायालय ने 13 अप्रैल 2026 के आदेश के तहत विवाद के निस्तारण का निर्देश माध्यमिक शिक्षा निदेशक स्तर पर दिया। राम चंद्र ने शिक्षा अधिनियम-1921 की धारा 16-जी (7) का हवाला देते हुए निदेशक से 25 मई 2026 के विवादित आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।