स्वतंत्रता दिवस की 70वीं वर्षगांठ पर विदेश में भारतीय और पाश्चात्य संगीत की जुगलबंदी धूम मचाएगी। तमाम कलाकारों और संगीत दलों के साथ लखनऊ का ‘देस परदेस’ बैंड भी वहां अपनी संगीत प्रतिभा का प्रदर्शन करेगा।
बैंड का नेतृत्व लखनऊ की इतिदा करती हैं जो भारतीय संगीत के पाश्चात्य संगीत के साथ जुगलबंदी का कार्यक्रम प्रस्तुत करती रही हैं। लखनऊ में जन्मीं मगर अप्रवासी भारतीय इतिदा पिछले कुछ समय से लखनऊ में हैं।
इतिदा ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने बैंड को यह जिम्मेदारी सौंपी है। संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने बैंड के एक कार्यक्रम के बाद हमें यह कार्य सौंपा।
उन्होंने बताया कि जल्द ही विदेश यात्रा का पूरा स्वरूप तय हो जाएगा। संयुक्त राज्य अमेरिका में पली-बढ़ी इतिदा विख्यात गायिका गिरिजा देवी से पिछले कई वर्षों से संगीत की तालीम ले रही हैं।
उन्होंने ठुमरी, दादरा, कजरी, चैती जैसे उपशास्त्रीय संगीत की रचनाओं को पाश्चात्य संगीत के साथ मिलाकर फ्यूजन प्रस्तुत करने की कोशिश की है। उनके बैंड ‘देस परदेस’ में उनका साथ बनारस के युवा गायक रोहित-राहुल मिश्र और सरोद वादक अंशुमान महाराज देते हैं।