सीसीटीवी में भटकते दिखे बच्चे।
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अभी दो दिन पहले घुंघटेर इलाके में तीन बच्चों के लापता होने के तीन दिन बाद लखनऊ में मिलने की घटना का शोर थमा भी नहीं था कि सफदरगंज थाना क्षेत्र के रायपुर गांव में मंगता बिरादरी के चार मासूम बच्चे संदिग्ध दशा में लापता हो गए। यह बच्चे बृहस्पतिवार को स्कूल के लिए निकले मगर घर नहीं पहुंचे।
शुक्रवार सुबह मिलने के बाद हरकत में आई पुलिस ने पूरा इलाका छान मारा। दोपहर बाद बच्चे लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर जाते दिखे। बाराबंकी पुलिस की एक टीम लखनऊ में छानबीन कर रही है। पुलिस के अनुसार रायपुर निवासी पिंटू का पुत्र ठुन्नी (9), सनी (6), विपिन का पुत्र अंकित (8) व राज (5) रोजाना गांव के पास स्थित प्राथमिक स्कूल जाते थे।
बृहस्पतिवार सुबह भी ये चारों बच्चे एक साथ घर से निकले। परिजनों को उम्मीद थी कि दोपहर बाद बच्चे रोज की तरह खेल-खेलकर वापस लौट आएंगे। मगर जैसे-जैसे शाम ढलने लगी, परिजनों की बेचैनी बढ़ने लगी। परिजनों ने पहले आसपास तलाश की, रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों से भी पूछताछ की, लेकिन बच्चों का कोई अता-पता नहीं चला। आखिरकार परेशान परिजनों ने सुबह सफदरगंज थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। गांव वालों का कहना है कि ये चारों बच्चे मंगता बिरादरी से हैं। इस बिरादरी के कई परिवार गांव और कस्बों में मेहनत-मजदूरी व भीख मांगकर गुजर-बसर करते हैं। लापता बच्चे भी पढ़ाई के साथ-साथ कभी-कभार प्रमुख चौराहों और बाजारों में भीख मांगने चले जाते थे। हालांकि, परिजन बताते हैं कि वे रोज शाम तक किसी न किसी तरह घर लौट आते थे।
उधर, सफदरगंज थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया ने दो पुलिस टीमें बनाई। एक को क्षेत्र में लगाया तो खुद हाईवे के सीसीटीवी कैमरे खंगालने लगे। आखिरकार हाईवे पर सफेदाबाद से लखनऊ की ओर तीन चार किमी दूर तक कई सीसीटीवी कैमरों में बच्चे पैदल जाते दिखे। कई जगह बच्चे हाथ में झोला लेकर भटक रहे हैं। पुलिस ने आसपास के गांवों और कस्बों में भी अलर्ट जारी किया है। पुलिस लखनऊ पहुंच बच्चों की तलाश कर रही है।
एसपी अर्पित विजयवर्गीय का कहना है कि बच्चों की तलाश में पुलिस लगी है। उनकी लोकेशन लखनऊ की ओर जाते हुए पाई गई है। हम जल्द ही उनको सुरक्षित खोज निकालेंगे। लगातार इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है।