घटनास्थल की जांच के बाद हरदोई में तैनात सिपाही इंद्रेश मौर्या की संलिप्तता लग रही है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। शीघ्र खुलासा करने का निर्देश दिया गया है।- प्रवीण कुमार, आईजी अयोध्या मंडल
महिला कांस्टेबल विमलेश पाल की संदिग्ध हालात में हुई मौत ने पुलिस महकमे की कार्यशैली और महादेवा परिसर के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला सिपाही 27 जुलाई को ड्यूटी के लिए सुबेहा थाने से महादेवा के लिए निकली थीं, लेकिन वहां पहुंचीं ही नहीं। इस दौरान उसकी गैरहाजिरी की रपट भी दर्ज हुई पर उसे खोजने की कोशिश न तो पुलिस ने की न ही उसके अपनों ने कोई सुध ली।
हद तो यह है कि 29 जुलाई को उनकी ड्यूटी सतरिख के मजीठा मेले में भी लगी थी लेकिन वह, वहां भी वह नहीं पहुंचीं। यहां न पहुंचने पर क्या कार्रवाई हुई, इस संबंध में सतरिख पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर कैसे एक महिला सिपाही तीन दिनों तक लापता रही और किसी ने भी उसकी खोज खबर लेना तक मुनासिब नहीं समझा।
वहीं, महादेवा मेला में सावन के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा निगरानी को लेकर बाराबंकी से रामनगर तक पेट्रोलिंग और चौकसी का दावा करने वाली पुलिस भी हाईवे के बगल पड़े शव के बारे में कुछ जान तक नहीं पाई। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इसे लापरवाही की जगह सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक मानते हुए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सिर पर भारी चीज से किया गया वार
पुलिस सूत्रों की माने तो विमलेश पाल की मौत सिर पर किसी भारी चीज की चोट के कारण हुई है। सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट के निशान भी मिले हैं। हालांकि रामनगर थानाध्यक्ष का कहना है कि अभी अधिकृत रूप से कुछ नहीं कह सकती हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।