वेतन पुनरीक्षण की मांग को लेकर बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गईं।
इस बीच इलेक्ट्रॉनिक कैश डिपॉजिट कियॉस्क जहां शोपीस बने रहे, वहीं 70 प्रतिशत तक एटीएम में कैश खत्म होने या सर्वर फेल होने की समस्या ने लोगों को परेशान किया।
मंगलवार को दूसरे दिन भी राजधानी के करीब 500 बैंक शाखाओं के कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए।
इसमें सरकारी उपक्रम के बैंकों के अलावा निजी और विदेशी बैंकों का स्टाफ भी शामिल रहा। हड़ताल के कारण दो दिनों में करीब 6,000 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने का आकलन किया गया है।
900 करोड़ रुपये के चेक क्लियरेंस भी अटके रहे। नगद जमा करने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और दूसरे बैंकों की कैश डिपॉजिट मशीन भी मददगार नहीं रहीं।
कैश बॉक्स फुल होने की वजह से मशीन ने कैश डिपॉजिट करना ही बंद कर दिया। दूसरे दिन कैश बॉक्स खाली नहीं होने से कियॉस्क शो-पीस ही बने रहे।
एसबीआई की हजरतगंज स्थित ब्रांच में नगद जमा करने पहुंचे शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि पहले एसबीआई के चौक के कैश डिपॉजिट कियॉस्क पर गए। वहां मशीन ने कैश ही स्वीकार नहीं किया।
हजरतगंज स्थित कियॉस्क पर भी यही स्थिति थी। तैनात गार्ड ने बताया कि कैश फुल हो जाने की वजह से ऐसा हुआ है।
एटीएम में भी कैश खत्म हो गए। यूएफबीयू के एक आंकड़े के मुताबिक,शहर में मौजूद करीब 700 एटीएम में कैश खत्म हो गया। इसकी वजह से ग्राहकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आज से बैंकिंग सेवाएं बहाल
दो दिन की हड़ताल के बाद बुधवार को बैंकों में सेवाएं बहाल होंगीं। ऐसे में दो दिन से अटका क्लियरेंस का लोड एकदम से बैंकों पर होगा। वहीं बैंकों में ग्राहकों की भी भीड़ रहने की संभावना जताई गई। बैंकों ने अपील की है कि ग्राहक अपने काम के लिए धैर्य रखें।