लखनऊ। एफडी के नाम पर खाताधारकों के करोड़े रुपये हड़पने के आरोपी बैंक ऑफ बड़ौदा के बैंक मित्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। साथ ह उसके सहयोगी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस ने एफआईआर में आठ और पीड़ितों के नाम जोड़े हैं। पहले 24 पीड़ितों की संयुक्त तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
इंस्पेक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि राजाजीपुरम निवासी शिवा राव पिछले दस वर्ष से शकुंतला विश्वविद्यालय परिसर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में बैंक मित्र था। छोटे-मोटे काम कराकर उसने ग्राहकों का भरोसा जीता था। ज्यादातर ग्राहक बैंक संबंधी काम उसी से कराते थे। इसी का लाभ उठाकर शिवा ने कम पढ़े-लिखे ग्राहकों को निशाना बनाया। बीते सोमवार को कुछ ग्राहक एफडी तुड़वाने पहुंचे तब उन्हें फर्जीवाड़े की जानकारी हुई।
शिवा ने बताया की इस फर्जीवाड़े में उसका सहयोग दुबग्गा के बरावनकला निवासी दीपक ने भी दिया है। इंस्पेक्टर का कहना है कि आरोपी दीपक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, बैंक अधिकारियों से पत्राचार कर 2020 से अब तक तैनात रहे कर्मियों और प्रबंधक की भूमिका की गहन जांच के लिए उनके दस्तावेज मांगे गए हैं।
साक्ष्य मिटाने के लिए बैंक में आग लगाने का आरोप
हैरत की बात यह है बैंक की इसी शाखा में 25 नवंबर 2025 को संदिग्ध हालात में आग लग गई थी। घटना में कई दस्तावेज और अन्य चीजें जलकर राख हो गई थीं। शिकायतकर्ता ग्राहक राम सिंह यादव का आरोप है कि अधिकारियों व आरोपी बैंक मित्र ने फर्जीवाड़े को छिपाने और साक्ष्य मिटाने के लिए आग लगाई थी। ताकि फर्जीवाड़े संबंधित सभी साक्ष्य जलकर राख हो जाएं।