लखनऊ। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन की लिमिट बढ़ाने के लिए पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले बैंक मैनेजर को सीबीआई की विशेष अदालत ने तीन साल की कैद और 1.10 लाख रुपये जुर्माना और उसके सहयोगी को छह महीने की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रजनीश मोहन ने बाराबंकी के उस्मानपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक के तत्कालीन स्केल एक अधिकारी भूपिंदर सिंह भटियानी और उसके निजी सहयोगी नितिन तिवारी को सजा सुनाई है। सीबीआई ने इस मामले को आठ अक्तूबर 2013 को दर्ज किया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि वादी का एक केसीसी लोन था, जिसकी लिमिट 35 हजार रुपये थी। वादी केसीसी की लिमिट को बढ़वाकर 75 हजार रुपये करवाना चाहता था। आरोपी भूपिंदर सिंह और नितिन तिवारी ने लिमिट बढ़ाने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की थी। सीबीआई ने मामले की विवेचना के बाद आरोपी भूपिंदर सिंह और नितिन तिवारी के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। (संवाद)