लखनऊ। जनहित के मुद्दों को उठाने में आम आदमी पार्टी (आप) का दखल बढ़ रहा है। पार्टी चर्चा में भी रहती है, लेकिन चुनाव नहीं लड़ने के चलते कार्यकर्ताओं की घटती संख्या की चुनौती पार्टी पदाधिकारियों को परेशान कर रही है। ऐसे में प्रशिक्षण शिविर लगाए जा रहे हैं, जो 10 व 11 जून को बाराबंकी में लगेगा।
आम आदमी पार्टी पंचायत चुनावों को लेकर सक्रिय हो गई है। तैयारियां की जा रही हैं। सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में संगठन को मजबूत किया जा रहा है। चुनाव में पार्टी पूरा दमखम दिखाएगी। आप के स्टेट मीडिया कोऑर्डिनेटर महेंद्र सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पार्टी ने संगठन को आठ प्रांतों में विभाजित किया है। एक प्रांत में आठ से दस जिले आते हैं। लखनऊ अयोध्या प्रांत में आता है।
संगठन को मजबूत बनाने के लिए पहले चरण में दो दिवसीय संकल्प शिविर लगाया जा रहा है। पहले दिन कार्यकर्ता सम्मेलन, दूसरे दिन प्रशिक्षण शिविर लगेगा। प्रयागराज, मेरठ, फिरोजाबाद में यह शिविर लगाया जा चुका है। अब बाराबंकी में शिविर लगाया जाएगा। इसमें लखनऊ के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। जिलाध्यक्ष इरम रिजवी ने बताया कि शिविर में राजनीतिक रूप से होने वाली चूकों से बचने, ब्लॉक, विधानसभा व तहसील स्तर के मुद्दों को उठाने के बाबत जानकारियां दी जाएंगी। लखनऊ सहित 75 जनपदों में जिला इकाइयां हैं। 403 विधानसभाओं में प्रभारी हैं।
मुद्दों के साथ हो रहे रचनात्मक कार्य
आम आदमी पार्टी लखनऊ में मुद्दों के लिए संघर्ष करने के साथ-साथ रचनात्मक कार्य भी कर रही है। इसमें पार्कों की सफाई, रक्तदान शिविर, पेयजल, फल वितरण आदि कार्य शामिल हैं। इसके अलावा मुद्दों पर केंद्रित संघर्ष कार्यक्रम होता है, जिसमें धरना-प्रदर्शन शामिल रहता है। इसमें जनता के मुद्दों को उठाया जाता है।
...इसलिए पार्टी से कट रहे कार्यकर्ता
आम आदमी पार्टी के सामने कार्यकर्ताओं की कमी बड़ी चुनौती है। इसके चलते संगठन को मजबूती नहीं मिल पा रही है। दरअसल, पार्टी ने पिछली बार पंचायत चुनाव लड़ा। इसके बाद पार्टी ने कोई चुनाव नहीं लड़ा। लोकसभा से लेकर विधानसभा तक चुनाव नहीं लड़ने के चलते ही कार्यकर्ता पार्टी से कटते रहे। इससे संगठन को मजबूत बनाने में मुश्किलें पेश आ रही हैं।