लखनऊ। निजीकरण की प्रक्रिया रद्द करने की मांग को लेकर आईडीबीआई की सभी शाखाओं के अधिकारी और कर्मचारी सोमवार को हड़ताल पर रहे। बैंककर्मी यूनाइटेड फोरम आफ आईडीबीआई ऑफिसर्स एंड एंप्लाइज के बैनर तले दो दिवसीय हड़ताल कर रहे हैं।
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फोरम का कहना है कि आईडीबीआई की वित्तीय वापसी पर्याप्त सार्वजनिक निवेश और कर्मचारियों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। ऐसे में संस्थान का नियंत्रण किसी विदेशी संस्था को सौंपना सार्वजनिक जवाबदेही और राष्ट्रीय हित से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रस्तावित निजीकरण संविधान की भावना और संसद को दिए गए आश्वासनों के विपरीत है। यह बैंक, उसके कर्मचारियों, शेयरधारकों और देश के हितों के भी विरुद्ध है। हड़ताल कर रहे आईडीबीआई कर्मचारियों के समर्थन में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस, ऑल इंडिया इंश्योरेंस एंप्लाइज एसोसिएशन व अन्य ट्रेड यूनियनों ने भी कर्मचारियों से बैज पहनने और विरोध प्रदर्शन में भाग लेने का आह्वान किया है।