इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल-2018 के विरोध में बिजली कर्मचारी भी 8- 9 जनवरी को हड़ताल पर रहेंगे। बिजली कर्मचारियों की राष्ट्रीय समिति नेशनल को-ऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईईई) ने केंद्रीय बिजली मंत्रालय की कार्य बहिष्कार वापस लेने की अपील ठुकरा दी है। समिति का दावा है कि हड़ताल में देश के करीब 15 लाख बिजली कर्मचारी व इंजीनियर शामिल होंगे। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र के पदाधिकारी शैलेंद्र दुबे, राजीव सिंह, गिरीश पांडेय व सदरुद्दीन राना ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रस्तावित बिल को वापस लेने का ठोस आश्वासन न मिलनेे से कार्य बहिष्कार पर जाने का फैसला किया गया है। बड़े उत्पादन गृहों 400 व 765 केवी ट्रांसमिशन व सिस्टम ऑपरेशन के शिफ्ट के कर्मचारियों को इससे अलग रखा गया है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित न हो। कार्य बहिष्कार के दौरान मंगलवार को शक्ति भवन पर 12 बजे से विरोध सभा होगी। उन्होंने कहा कि कार्य बहिष्कार के दौरान बिजली कर्मचारी कोई काम नहीं करेंगे और फाल्ट होने पर उसे दो दिन बाद ही ठीक किया जाएगा।
उप्र पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने हड़ताल से अलग रहने का एलान किया है। फील्ड हॉस्टल में सोमवार को एसोसिएशन की आपात बैठक के बाद अध्यक्ष केबी राम व कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश के दलित अभियंता व आठ लाख आरक्षण समर्थक 8 व 9 जनवरी को होने वाले कार्य बहिष्कार से अलग रहेंगे। लेकिन इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल-2018 के निजीकरण वाले संशोधन का विरोध किया जाएगा। इस मामले में केंद्रीय व राज्य के ऊर्जा मंत्रियों से वार्ता की जाएगी। विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन ने भी कार्य बहिष्कार से अलग रहने का एलान किया है।