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सीमा पर चुनौती: नेपाल के रास्ते भारत में घुसपैठ की फिराक में बांग्लादेशी, पर्यटक वीजा से दाखिल होने की साजिश

Sun, 30 Mar 2025 08:45 AM IST
भूपेन्द्र सिंह नेपाल सीमा से अभिषेक राज

सार

नेपाल सीमा पर घुसपैठिये चुनौती बने हुए हैं। यहां पर बांग्लादेशी, नेपाल के रास्ते भारत में घुसपैठ की फिराक में हैं। पर्यटक वीजा पर नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल होने की उनकी साजिश चल रही है। घुसपैठ के मामले में काकरभिट्टा बॉर्डर सर्वाधिक संवेदनशील है। 
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इंडो नेपाल बॉर्डर का सोनौली सीमा। (फाइल)
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विस्तार
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राजनीतिक उथल-पुथल। अस्थिरता की आशंका। राजावादी बनाम सत्ताधारी दल की कशमकश...। नेपाल इस समय दोराहे पर है। यह बदलाव भारत-नेपाल सीमा पर भी दिखता है, लेकिन बदले रूप में। यहां की कहानी अलग है। राजनीतिक सरगर्मी के बीच बांग्लादेशी टूरिस्ट वीजा पर नेपाल पहुंचकर भारत में घुसपैठ की कोशिश में हैं। 

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मधेश से लेकर उत्तराखंड तक इनकी गतिविधियों को संदिग्ध मानते हुए सीमा पर अलर्ट भी किया गया है। एसएसबी ने चौकसी बढ़ाई है। नवलपरासी जिले के सुरेंद्र महतो कहते हैं कि देश आंतरिक मसले में उलझा है। इसका फायदा बांग्लादेशी उठा रहे हैं। हाल के दिनों में सीमावर्ती क्षेत्र में होने वाली गतिविधियां ठीक नहीं लग रही हैं।

इन जिलों में संदिग्ध गतिविधियां बढ़ी हैं

उत्तर प्रदेश के महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, पीलीभीत व लखीमपुर खीरी से सटे नेपाली क्षेत्र में भी संदिग्ध गतिविधियां बढ़ी हैं। हम उत्तर प्रदेश से लगते नेपाल के बांके, नेपालगंज, रूपन्देही, बेलहिया, रौतहट, गौर व लुबिनी पहुंचे। कद-काठी और बोली भी स्थानीय लोगों से मिलने के कारण खुली सीमा का लाभ उठाकर बांग्लादेशियों के भारतीय क्षेत्र में मजदूरी के बहाने आने-जाने का पता चला। 

रूपन्देही के संतोष तमांग कहते हैं कि अभी तक हम सुरक्षा को लेकर आश्वस्त थे, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्र में रोहिंग्या के साथ बांग्लादेशी भी सक्रिय हैं। ये सभी नेपाल में अस्थिरता का लाभ उठाने की कोशिश में हैं। इन्हें रोकना होगा। नेपाल के साथ भारत को भी पहल करनी होगी।
 

सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकी बदलाव भी हुआ

हिन्दू स्वयंसेवक संघ (नेपाल में आरएसएस) के रंजीत साह बताते हैं कि पहले सीमावर्ती जिलों में मुस्लिम आबादी बहुत कम थी, लेकिन पिछले 10 वर्षों में घुसपैठ के कारण इनकी संख्या करीब 400 फीसदी बढ़ी है। नेपाल की नागरिकता का दुरुपयोग सबसे ज्यादा यहीं पर दिखता है। इनसे सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकी बदलाव भी हुआ है।

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नेपाली बाहर, बाहरी नेपाल में...

नेपाल के युवा खाड़ी देशों के साथ ही भारत में रोजगार की तलाश में आ रहे हैं। वहीं, बांग्लादेश व रोहिंग्या नेपाल में ही पैर जमा रहे हैं। अभी मकान, प्लंबर, पेंटिंग, इलेक्ट्रीशियन, नाई और बाइक मरम्मत का भी काम इन्होंने संभाल लिया है।
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इस्लामी संघ पर उठाए सवाल

नेपाल पुलिस की इंटेलिजेंस शाखा ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट में रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को नेपाली नागरिकता दिलाने का भी खुलासा किया है। मुख्य रूप से ये पश्चिम बंगाल से जुड़े नेपाल के पूर्वी हिस्से काकरभिट्टा सीमा से प्रवेश कर रहे हैं। रिपोर्ट में नेपाल के इस्लामी संघ पर घुसपैठियों को नागरिकता दिलाने में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप है। यह संगठन बांग्लादेशी नागरिकों के परिवार के सदस्यों के रूप में गलत तरीके से सत्यापित करता है, जिन्होंने पहले ही नेपाली नागरिकता हासिल कर ली है।

सीमा सुरक्षा के प्रति सरकार सतर्क

नेपाल के पूर्व गृह राज्यमंत्री देवेंद्र राज कंडेल ने बताया कि यह सही है कि नेपाल में राजनीतिक उथल-पुथल है, लेकिन सीमा की सुरक्षा के प्रति सरकार सतर्क है। घुसपैठ के खिलाफ हम समय-समय पर कार्रवाई करते रहे हैं।

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