सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकी बदलाव भी हुआ
हिन्दू स्वयंसेवक संघ (नेपाल में आरएसएस) के रंजीत साह बताते हैं कि पहले सीमावर्ती जिलों में मुस्लिम आबादी बहुत कम थी, लेकिन पिछले 10 वर्षों में घुसपैठ के कारण इनकी संख्या करीब 400 फीसदी बढ़ी है। नेपाल की नागरिकता का दुरुपयोग सबसे ज्यादा यहीं पर दिखता है। इनसे सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकी बदलाव भी हुआ है।
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नेपाली बाहर, बाहरी नेपाल में...
नेपाल के युवा खाड़ी देशों के साथ ही भारत में रोजगार की तलाश में आ रहे हैं। वहीं, बांग्लादेश व रोहिंग्या नेपाल में ही पैर जमा रहे हैं। अभी मकान, प्लंबर, पेंटिंग, इलेक्ट्रीशियन, नाई और बाइक मरम्मत का भी काम इन्होंने संभाल लिया है।
इस्लामी संघ पर उठाए सवाल
नेपाल पुलिस की इंटेलिजेंस शाखा ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट में रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को नेपाली नागरिकता दिलाने का भी खुलासा किया है। मुख्य रूप से ये पश्चिम बंगाल से जुड़े नेपाल के पूर्वी हिस्से काकरभिट्टा सीमा से प्रवेश कर रहे हैं। रिपोर्ट में नेपाल के इस्लामी संघ पर घुसपैठियों को नागरिकता दिलाने में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप है। यह संगठन बांग्लादेशी नागरिकों के परिवार के सदस्यों के रूप में गलत तरीके से सत्यापित करता है, जिन्होंने पहले ही नेपाली नागरिकता हासिल कर ली है।
सीमा सुरक्षा के प्रति सरकार सतर्क
नेपाल के पूर्व गृह राज्यमंत्री देवेंद्र राज कंडेल ने बताया कि यह सही है कि नेपाल में राजनीतिक उथल-पुथल है, लेकिन सीमा की सुरक्षा के प्रति सरकार सतर्क है। घुसपैठ के खिलाफ हम समय-समय पर कार्रवाई करते रहे हैं।