मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्लाह अल मामून ने खुलासा किया है कि भारत में चंद रुपये खर्च कर आसानी से वोटर आईडी बन जाती है। बांग्लादेश के बॉर्डर वाले गांवों में दलाल खुलेआम वोटर आईडी बनवाने का काम करते हैं।
पांच दिन के रिमांड पर लिए गए अब्दुल्लाह ने पूछताछ में एटीएस को बताया कि बांग्लादेश से पढ़ाई के नाम पर युवक बॉर्डर वाले राज्यों त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में प्रवेश कर लेते हैं। यहां आसानी से चंद रुपये खर्च कर इनका पहचान पत्र बन जाता है। इसके बाद वे भारत के किसी भी हिस्से में जा सकते हैं।
अब्दुल्लाह ने बताया कि वह वर्ष 2011 में त्रिपुरा के रास्ते भारत आया था। यहीं से उसके नाम की फर्जी वोटर आईडी असम के पते पर बन गई। उसने अपना मतदाता पहचान पत्र असम के ग्राम नासत्रा, थाना अभयपुरी बंगईगांव जिले से बनवाया था।