लालगंज (रायबरेली)। रेल डिब्बा कारखाना के चालकों ने मंगलवार को बांदा-टांडा हाईवे को जाम कर दिया। इस दौरान सभी ने यूनियन एकता जिंदाबाद का नारा लगाते हुए केंद्र सरकार के फैसले पर नाराजगी जताई। एक घंटे तक हाईवे पर वाहनों का आवागमन ठप रहा। पुलिस के पहुंचने पर चालकों ने जाम खोला।
इसके बाद चालक नारेबाजी करते हुए रेल कोच कारखाने के जीएम को जबरन ज्ञापन देने का प्रयास किया। आरपीएफ ने रोका तो तीखी नोकझोंक हुई। आरपीएफ ने चालकों के गेट पास जमा कर लिए। बिना गेट पास के मिले एक युवक को हिरासत में भी ले लिया।
आधुनिक रेल डिब्बा कारखाने में बड़ी संख्या में निजी गाड़ियां अधिकारियों को चलने के लिए उपलब्ध कराई गई है। चालक भी प्राइवेट हैं। हिट एंड रन मामलों में सजा बढ़ाने के विरोध में नाराज चालकों ने सुबह करीब 10 बजे हड़ताल शुरू कर दी। सबसे पहले चालकों ने कारखाने के बाहर हाईवे जाम कर दिया।
नारेबाजी शुरू की और कानून को वापस लेने की मांग करने लगे। सभी ने बताया कि उनकी रोजी-रोटी ऐसी नहीं है कि कानून के हिसाब से भरपाई कर पाए। सूचना पर मौके पर पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक शिवशंकर सिंह ने चालकों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद चालक नारेबाजी करते हुए जीएम को ज्ञापन देने के लिए जीएम ऑफिस जाने लगे।
एडमिन बिल्डिंग में पहुंचने पर ड्राइवर को आरपीएफ ने रोक लिया। जवानों और चालकों के बीच नोकझोंक हुई। उधर, कारखाना के जनसंपर्क अधिकारी अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया उन्हें संबंध में कोई जानकारी नहीं है।