रायबरेली। ट्रेनों की लेटलतीफी ने एक बार फिर यात्रियों को इंतजार कराया, जिससे यात्री परेशान हुए। आनंद विहार से बनारस जाने वाली फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन बुधवार के बजाए 11 घंटे लेट होने के कारण बृहस्पतिवार को सुबह पहुंची। बृहस्पतिवार को डलमऊ-लालगंज के रास्ते दौड़ने वाली चंडीगढ़-प्रयागराज ऊंचाहार एक्सप्रेस सात घंटे विलंब से आई। बछरावां-रायबरेली के रास्ते चलने वाली सहारनपुर-प्रयागराज नौचंदी एक्सप्रेस चार घंटे देर से पहुंची।
अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल व जम्मू तवी से पटना जाने वाली अर्चना एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे, देहरादून-बनारस जनता मेल तीन घंटे और दिल्ली से प्रतापगढ़ जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस सवा दो घंटे देर से पहुंची। लखनऊ से प्रयागराज जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस पौने दो घंटे, बनारस से देहरादून जाने वाली जनता मेल व टनकपुर से शक्ति नगर जाने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस एक घंटे विलंब से आई।
प्रयागराज से कानपुर जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस, लखनऊ से प्रयागराज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन व हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल पौन घंटे और प्रतापगढ़-मुंबई उद्योग नगरी व प्रयागराज-बरेली एक्सप्रेस आधे घंटे देर से पहुंची।
बुधवार रात बनारस से नई दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस सवा सात घंटे विलंब से आई। प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली पैसेंजर ट्रेन पौने दो घंटे विलंब से आई, लेकिन दो कोचों को जोड़ने के लिए पौन घंटे तक रायबरेली में रोका गया। इससे साढ़े तीन घंटे लेट हो गई। जोड़े गए कोचों को मेंटेनेंस के लिए लखनऊ भेजा गया।
बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस पौने तीन घंटे, वाराणसी-लखनऊ व कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस एक घंटे, प्रयागराज-सहारनपुर नौचंदी एक्सप्रेस व कानपुर-रायबरेली पैसेंजर आधे घंटे विलंब से आई।
स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि सभी ट्रेनें पिछले स्टेशनों से लेट होने के कारण देर से आई है। रात में पैसेंजर ट्रेन को मेंटेनेंस के लिए भेजे जाने वाले कोच जोड़ने के कारण देर तक रोका गया।